|
उत्तरी श्रीलंका में फिर भीषण युद्ध छिड़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच बातचीत पर सहमति बनने के मात्र एक दिन के बाद, देश के उत्तरी भाग में फिर भीषण युद्ध छिड़ गया है. विद्रोहियों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने एक बड़ा सैन्य अभियान शुरु किया है जबकि सरकार इस लड़ाई के लिए विद्रोहियों को दोषी ठहरा रही है. उत्तरी श्रीलंका में छिड़ी इस लड़ाई में सैन्य अधिकारी के अनुसार जाफ़ना प्रायद्वीप में दो सैनिक घायल हो गए हैं. 'त्रिपक्षीय हमला' उधर तमिल विद्रोहियों के अनुसार श्रीलंका की सेना ने त्रिपक्षीय हमला किया है और सेना आगे ज़रूर बढ़ी है लेकिन विद्रोहियों की बचाव पंक्ति को भेद नहीं पाई है. विद्रोही लगातार कहते आ रहे हैं कि यदि सेना 'उनकी ज़मीन' पर कब्ज़ा करने की कोशिश करती है बातचीत ठप्प हो सकती है. मंगलवार को नॉर्वे के राजदूत जॉन हान्सेन बॉवर ने कहा था कि सरकार और तमिल विद्रोही इस माह के अंत में 28 और 29 अक्टूबर को स्विट्ज़रलैंड में बातचीत करेंगे. उनका कहना था कि विद्रोही बिना किसी शर्त के बातचीत पर सहमत हो गए हैं लेकिन विद्रोहियों ने ये भी कहा था कि यदि स्थिति बिगड़ती है तो वे अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार कर सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें सेना-तमिल विद्रोहियों में फिर संघर्ष07 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में संघर्ष से पुनर्निमाण रुका'29 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'प्रभाकरण शांतिवार्ता के लिए प्रतिबद्ध'27 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में 70 तमिल विद्रोही मारे गए'25 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई हमले में चार जवान मारे गए 19 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार का सहमति से इनकार12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका में दोनों पक्ष वार्ता के लिए राज़ी'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||