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'पीटरमारित्ज़बर्ग आना तीर्थयात्रा की तरह' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शनिवार को दक्षिण अफ़्रीका के ऐतिहासिक पीटरमारित्ज़बर्ग स्टेशन गए. यह वही स्टेशन है जहाँ 113 वर्ष पहले महात्मा गाँधी को श्वेत न होने के कारण ट्रेन से ज़बरदस्ती उतार दिया गया था और वहीँ से रंगभेद के ख़िलाफ़ आंदोलन की शुरुआत हुई थी. इस यात्रा को तीर्थयात्रा बताते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि वे यहाँ आकर अभिभूत हुए. अपनी चार दिन की दक्षिण अफ़्रीका की यात्रा की शुरुआत मनमोहन सिंह ने पीटरमारित्ज़बर्ग जाकर की है. उन्होंने कहा कि पीटरमारित्ज़बर्ग पहुँचकर उन्हें जो महसूस हो रहा है उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है. प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि इस यात्रा को भुला सकना मुश्किल होगा. उनका कहना था कि यहाँ आकर गाँधी की उपस्थिति को महसूस करना आसान लग रहा है. एक जनसभा को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि यहीं से अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ लड़ाई की शुरुआत हुई थी जिसने बाद में भारत को आज़ादी दिलवाई. | इससे जुड़ी ख़बरें मनमोहन सिंह दक्षिण अफ्रीका पहुँचे30 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तरी राज्यों को लेकर मनमोहन चिंतित28 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'ख़ुफ़िया एजेंसियों में और अल्पसंख्यक हों'23 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस फ़िदेल कास्त्रो से मिले मनमोहन सिंह17 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-पाक शांति वार्ता फिर शुरू होगी16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान आतंकवाद पर संजीदा नहीं'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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