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मनमोहन सिंह दक्षिण अफ्रीका पहुँचे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह दक्षिण अफ्रीका के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर शनिवार को वहाँ पहुँचे हैं. भारत और दक्षिण अफ्रीका निकट संबंधों का दौर शुरू करने की प्रक्रिया में हैं और दोनों देशों के सामने विकास संबंधी एक ही जैसी चुनौतियाँ हैं. लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यह यात्रा ऐसे मौक़े पर भी हो रही है जब महात्मा गाँधी द्वारा शुरू किए गए अहिंसक आंदोलन (सत्याग्रह) की शताब्दी मनाई जा रही है. महात्मा गाँधी के इसी सिद्धांत को लगभग आधी सदी तक अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस ने अपनाया था. महात्मा गाँधी 1893 में एक छात्र के रूप में दक्षिण अफ्रीका पहुँचे थे और वहाँ उन्होंने 21 साल गुज़ारे. 1906 में उन्होंने सत्याग्रह आंदोलन का सिद्धांत पेश किया. इसी सत्याग्रह सिद्धांत का प्रयोग भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी किया गया. सत्याग्रह सिद्धांत शुरू होने की शताब्दी सोमवार को मनाई जाएगी. इस मौक़े पर जोहन्सबर्ग में एक प्रदर्शनी शुरू होगी जिसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी भाग लेंगे. जोहन्सबर्ग में बीबीसी संवाददाता पीटर बाइल्स का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इस यात्रा को सिर्फ़ ऐतिहासिक संदर्भों से आगे बढ़कर देखा जा रहा है. भारत और दक्षिण अफ्रीका ख़ुद को दक्षिण-दक्षिण संगठन के सदस्य देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और ब्राज़ील ने भी हाल ही में उनके साथ हाथ मिलाया है. ब्राज़ील को एक उभरती आर्थिक शक्ति माना जाता है. इन दिनों दक्षिण अफ्रीका यूरोप के बजाय एशिया में बाज़ारों की तलाश कर रहा है दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा सरकार भारत को इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण मानती है. भारतीय प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश मुख्य मुद्दा रहेगा. दक्षिण अफ्रीका में हवाई अड्डों का संचालन करने वाली कंपनी को हाल ही में मुंबई हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण करने का ठेका मिला है. इसके बावजूद भारत अफ्रीका में चीन की बढ़ती रुचि को लेकर भी चिंतित है. पिछले कुछ महीनों में चीन के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अफ्रीका द्वीप की चर्चित यात्राएँ की हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ऐसे खोजा महात्मा गांधी ने 'सत्याग्रह'11 सितंबर, 2006 | पत्रिका सत्याग्रह की सार्थकता पर विचार11 सितंबर, 2006 | पत्रिका 'दक्षिण अफ्रीका अपनी राह भटक रहा है'27 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना विकासशील देशों की आवाज बुलंद हुई18 सितंबर, 2006 | कारोबार ईरान को गुटनिरपेक्ष देशों का समर्थन17 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना भारत और ब्राज़ील के बीच कई समझौते14 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना इबसा के बीच सहयोग बढ़े-मनमोहन13 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत और ब्राज़ील के बीच कई समझौते12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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