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इबसा के बीच सहयोग बढ़े-मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका के बीच सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया. भारत, दक्षिण अफ्रीका और ब्राज़ील (इबसा) के पहले शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि तीनों देशों के बीच व्यापार और संपर्क बढ़ाए जाने की ज़रूरत है. उनका कहना था कि भारत एशिया, ब्राज़ील लातिन अमरीका और दक्षिण अफ़्रीका अफ़्रीका का प्रवेश द्वार बन सकता है. उनका कहना था कि इस बात को हक़ीकत में बदलने के लिए हमें सबसे अहम सवाल संपर्क पर ध्यान देना होगा. व्यापार और लोगों के संपर्क को और बढ़ाना होगा. ग़ौरतलब है कि तीनों देशों को पहला शिख़र सम्मेलन बुधवार से ब्राजीलिया में शुरु हुआ है. इसमें भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डीसिल्वा और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति थाबो एम्बेकी हिस्सा ले रहे हैं. तीनों नेताओं का मानना है कि लोकतांत्रिक देश होने के नाते परस्पर सहयोग से वे आर्थिक शक्ति बन सकते हैं. संगठन पर सवाल प्रेक्षकों का मानना है कि इबसा अभी शुरुआती अवस्था में है इसलिए यह कितना प्रभावी और उपयोगी होगा, यह कहना थोड़ा ज़ल्दबाजी होगी. ख़ुद भारतीय वाणिज्य राज्यमंत्री जयराम रमेश ने कुछ दिनों पहले एक ब्राज़ीली अख़बार से बातचीत में कहा था कि आर्थिक दृष्टिकोण से इबसा उतना उपयोगी नहीं है. उन्होंने इससे भी इनकार किया था कि ब्राज़ील और भारत 'स्वाभाविक साझीदार ' हैं. उनकी इस टिप्पणी पर ब्राज़ील सरकार ने आपत्ति जताई थी और भारतीय अधिकारियों को इससे अवगत कराया था. भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका अपने-अपने महाद्वीपों के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश हैं और तीन वर्ष पहले इन तीनों देशों के बीच इस गुट की स्थापना हुई थी. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय पटल पर इस गुट को एक नई शक्ति के रूप में सामने लाना था. | इससे जुड़ी ख़बरें इबसा सम्मेलन में व्यापार पर ज़ोर होगा13 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना भारत और ब्राज़ील के बीच कई समझौते12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'ब्राज़ील से संबंध और बेहतर होंगे'10 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस क्यूबा में मिलेंगे मनमोहन और मुशर्रफ़01 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान आतंकवाद पर संजीदा नहीं'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ की पेशकश से संतुष्ट नहीं भारत21 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान अपने वादे पर अमल करे'16 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को प्रधानमंत्री की चेतावनी14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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