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इबसा सम्मेलन में व्यापार पर ज़ोर होगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत, दक्षिण अफ्रीका और ब्राज़ील (इबसा) के बीच पहला शिख़र सम्मेलन बुधवार से ब्राजीलिया में शुरु हो रहा है. इसमें आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. वर्ष 2003 में इबसा का गठन तीनों देशों के विदेश मंत्रियों के साझे मंच से हुआ था. गठन के तीन साल बाद पहली बार तीनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक हो रही है. इसमें मिल जुल कर राजनैतिक साझीदारी बढ़ाने और विश्व व्यापार संगठन यानी डब्ल्यूटीओ के मौजूदा दौर की बातचीत में विकासशील देशों की ओर से मज़बूत पक्ष रखने पर विचार विमर्श किया जाएगा. ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डीसिल्वा, भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति थाबो म्बेकी मानते हैं कि लोकतांत्रिक देश होने के नाते परस्पर सहयोग से भूख़ और ग़रीबी मिटाने में उनकी ताकत बढ़ेगी. गठन के तीन सालों के भीतर ही तीनों देशों का आपसी व्यापार दोगुना बढ़ चुका है और निजी क्षेत्र में निवेश भी बढ़ रहे हैं. तीनों देशों के नेता व्यापार वृद्धि के आरे आ रही संरचनात्मक या प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने की कोशिशों में लगे हैं, वहीं व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल नए निवश के अवसर तलाशने में जुटे हैं. राजनैतिक पहलू ब्रज़ीली विदेश मंत्री सेल्सो अमोरिम का कहना है कि इस वर्ष के शुरु में विकासशील देशों के संगठन जी-20 का गठन एक अहम उपलब्धि है. इस संगठन में इबसा के अलावा चीन, अर्जेंटीना, क्यूबा और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल हैं. लूला डीसिल्वा मानते हैं कि जी-20 ने ग़रीब देशों को भी धनी देशों के सामने अपना पक्ष रखने का मंच प्रदान किया है. हालाँकि इबसा अभी शैशव अवस्था में है. यह कितना प्रभावी और उपयोगी होगा, यह कहना ज़ल्दबाजी होगी. ख़ुद भारतीय वाणिज्य राज्यमंत्री जयराम रमेश ने कुछ दिनों पहले एक ब्राज़ीली अख़बार से कहा था कि आर्थिक दृष्टिकोण से इबसा उतना उपयोगी नहीं है. उन्होंने इससे भी इनकार किया था कि ब्राज़ील और भारत 'स्वाभाविक साझीदार ' हैं. उनकी इस टिप्पणी पर ब्राज़ील सरकार ने आपत्ति जताई थी और भारतीय अधिकारियों को इससे अवगत कराया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान आतंकवाद पर संजीदा नहीं'12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस भारत और ब्राज़ील के बीच कई समझौते12 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ को 'सार्थक' बातचीत की उम्मीद 11 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'ब्राज़ील से संबंध और बेहतर होंगे'10 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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