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'पाकिस्तान अपने वादे पर अमल करे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान ने 'आतंकवाद' के मुद्दे पर जो वादा किया है उस पर अमल करे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल न होने दे. जी-8 की बैठक में हिस्सा लेने सेंट पीटर्सबर्ग जा रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विमान में पत्रकारों से बातचीत की. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर बाहरी मदद और समर्थन से चल रहे 'आतंकवाद' के कारण निर्दोष लोगों की जानें जाती रहेंगी तो पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान इस बात को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त करे कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल उन आतंकवादी गतिविधियों के समर्थन में नहीं होगा, जो भारत विरोधी कार्रवाई में शामिल हैं. प्रतिबद्धता के साथ-साथ पाकिस्तान को क़दम भी उठाना होगा." लेकिन इसके साथ उन्होंने पाकिस्तान के साथ मित्रता की भी बातें की. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मित्रतापूर्ण संबंध स्थापित करने की दिशा में नए रास्ते ढूँढ़ने चाहिए. पोटा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी और परवेज़ मुशर्रफ़ की टेलिफ़ोन पर बात नहीं हुई है. उनसे जब पूछा गया कि क्या पिछले तीन वर्षों में आपने परवेज़ मुशर्रफ़ के बारे में अपना नज़रिया बदला है, इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सब बातों में व्यक्ति काम करते-करते सीखता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि परवेज़ मुशर्रफ़ इस समय पाकिस्तान के राष्ट्रपति हैं और जो भी व्यक्ति देश का प्रमुख होता है, उसी से संपर्क करना पड़ता है. इसलिए मैं उनके ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहना चाहता. मुंबई बम धमाकों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ख़ुफ़िया तंत्र को मज़बूत करने की दिशा में काम करेंगे. लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया कि आतंवाद निरोधक क़ानून (पोटा) को फिर लाया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा, "आतंकवादी हमले उस समय भी हुए थे, जब पोटा लागू था. अक्षरधाम हमला भी उस समय हुआ जब पोटा लागू था. इसलिए आतंकवाद से निपटने के लिए पोटा ही एकमात्र रास्ता नहीं है." सेंट पीटर्सबर्ग दौरे के क्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और अन्य नेताओं से भी बातचीत करेंगे. |
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