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बुधवार, 13 सितंबर, 2006 को 11:53 GMT तक के समाचार
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विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ नोटिस
विधानसभा
मुंडा सरकार का भविष्य बहुत कुछ तीनों विधायकों की सदस्यता से तय होगी
झारखंड में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाचक्र में विपक्षी यूपीए ने विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है.

विपक्ष का आरोप है कि यूपीए के साथ आए तीन विधायकों की सदस्यता के मामले में हुई सुनवाई की प्रक्रिया में विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी की भूमिका संदेहास्पद रही है.

इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने तीन विधायकों की सदस्यता पर सुनवाई पूरी कर ली है और फ़ैसला बुधवार रात या गुरुवार को सुनाए जाने की उम्मीद है.

इन तीनों विधायकों-एनोस एक्का, कमलेश सिंह और स्टीफन मरांडी- को नामधारी ने अलग अलग कारणों से नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उनकी सदस्यता ख़त्म कर दी जाए.

एनोस एक्का और कमलेश सिंह सरकार से समर्थन वापस लेकर यूपीए के खेमे में चले गए हैं. स्टीफन मरांडी पहले से ही विपक्ष में हैं.

 हम इस मामले को उठाएँगे. विधानसभा अध्यक्ष के नाते उनका (नामधारी) रवैया ठीक नहीं है
स्टीफन मरांडी

इनकी सदस्यता पर कोई भी फ़ैसला इस मायने में अहम है कि गुरुवार को मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा विधानसभा में विश्वास मत पेश करेंगे जिस पर बहस के बाद मतविभाजन होगा और इन विधायकों का मत झारखंड के राजनैतिक भविष्य को नई दिशा दे सकता है.

अध्यक्ष हटाने की माँग

विधानसभा के सचिव सीताराम साहनी ने बीबीसी को बताया कि यूपीए के सभी घटक दलों की ओर से विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस उन्हें मिल गया है.

साहनी ने कहा कि नियम के अनुरुप इस तरह का नोटिस कम से कम 14 दिन पहले दिया जाना चाहिए.

यह पूछने पर कि क्या इसे अमान्य कर दिया गया है, उन्होंने कहा, "हम कुछ नहीं कह सकते. हमने नोटिस आगे बढ़ा (विधानसभा अध्यक्ष को) दिया है. कल (गुरुवार) ही कोई फ़ैसला होगा."

यूपीए को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि अगर नोटिस अमान्य किया गया तो निश्चित रुप से सदन में हंगामा होगा.

उन्होंने कहा, "हम इस मामले को उठाएँगे. विधानसभा अध्यक्ष के नाते उनका (नामधारी) रवैया ठीक नहीं है."

यूपीए की अपील

इससे पहले यूपीए के सभी विधायक देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली में एकत्रित हुए और वहाँ से राँची पहुँच चुके हैं.

 हमारे साथ 43 विधायक हैं. इसलिए हमारे पास बहुमत है. अब मैं विधानसभा अध्यक्ष से यह अपील करता हूँ कि वे कोई ऐसा फ़ैसला न लें जिससे विधानसभा की गरिमा कलंकित हो
राजद नेता गिरिनाथ सिंह

राज्य में यूपीए के तीसरे सबसे बड़े घटक दल राजद के नेता गिरिनाथ सिंह ने बीबीसी के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री मुंडा से सदन में 'फजीहत' झेलने के बज़ाए इस्तीफ़ा देने की माँग की.

झारखंड में विपक्षी यूपीए ने विधानसभा अध्यक्ष से तीन विधायकों की सदस्यता पर कोई भी फ़ैसला सदन की गरिमा को ध्यान में रख कर करने की अपील की है.

हालाँकि उन्होंने तीन विधायकों की सदस्यता पर हो रही सुनवाई में पक्षपात की आशंका जताते हुए कहा, "हमारे साथ 43 विधायक हैं. इसलिए हमारे पास बहुमत है. अब मैं विधानसभा अध्यक्ष से यह अपील करता हूँ कि वे कोई ऐसा फ़ैसला न लें जिससे विधानसभा की गरिमा कलंकित हो."

विधानसभा में विपक्ष के नेता सुधीर महतो ने भरोसा जताया कि इंदर सिंह नामधारी तीनों विधायकों के पक्ष में फ़ैसला सुनाएँगे.

साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री मुंडा को विश्वास मत पर गुरुवार को ही मतदान करा लेने की चुनौती दी.

बहुमत का दावा

झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सुधीर महतो ने बताया कि यूपीए के सभी विधायक राँची पहुँच चुके हैं और पूरी तरह एकजुट हैं. उन्होंने 43 विधायकों के समर्थन का दावा किया.

इसस पहले दिल्ली में यूपीए विधायकों ने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से उनके आवास पर मुलाकात की.

गिरिनाथ सिंह और सुधीर महतो ने स्वीकार किया कि इसमें सिर्फ़ 37 विधायक उपस्थित थे.

सुधीर महतो ने कहा कि दो तीन विधायक गुरु जी (शिबू सोरेन) के साथ पहले ही राँची आ गए थे. इसलिए वे उपस्थित नहीं हो सके और एक विधायक सालखन सोरेन किसी अन्य कारण से अनुपस्थित थे.

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