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काबुल में आत्मघाती हमला, 16 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में अमरीकी सेना के एक वाहन पर आत्मघाती हमला हुआ है जिसमें कम से कम 16 लोग मारे गए हैं. इनमें दो अमरीकी सैनिक भी हैं. काबूल में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि घटनास्थल के पास से गुज़र रहे कई अन्य लोग भी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं. बम धमाके की वजह से बख्तरबंद वाहन सैकड़ों मीटर दूर जा गिरा और उसके टुकड़े आसपास बिखर गए. संवाददाता का कहना है कि काबुल के बीचोंबीच इतने शाक्तिशाली धमाके की उम्मीद नहीं की जा रही थी. दूसरी ओर नैटो के 26 सदस्य देशों की शुक्रवार को पोलैंड में बैठक हो रही है. इसमें अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजने के बारे में चर्चा होगी. इसके पहले नैटो के कमांडर जनरल जेम्स जोंस ने सदस्य देशों से अनुरोध किया था कि वे दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान के अभियान के लिए और सैनिक उपलब्ध कराएँ. उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण गठबंधन को परेशानी पेश आ रही है. साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि आगामी कुछ सप्ताह तालेबान के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. भीषण संघर्ष इसके पहले अफ़ग़ानिस्तान में एक वरिष्ठ ब्रितानी कमांडर ने कहा था कि वहाँ ब्रितानी फ़ौजें भीषण युद्ध लड़ रही हैं और उन पर लगातार हमले हो रहे हैं. ब्रितानी टीवी चैनल के साथ एक इंटरव्यू में ब्रिगेडियर एड बटलर ने कहा कि हर रोज़ की लड़ाई को देखा जाए तो अफ़ग़ानिस्तान में इराक़ से भी भीषण लड़ाई हो रही है. उनका कहना था कि कई बार तो सैनिकों को विद्रोहियों के साथ आमने-सामने संघर्ष करना पड़ता है. नैटो सैनिकों में से लगभग आधे यानी लगभग दस हज़ार सैनिक अफ़ग़ानिस्तान की सरकार को समर्थन देने के लिए वहाँ तैनात है. दूसरी ओर अधिकतर ब्रितानी सैनिकों को देश के दक्षिणी हिस्से में तैनात किया गया है जहाँ वे तालेबान विद्रोहियों के विद्रोह का सामना कर रहे हैं. पिछले हफ़्ते अफ़ग़ानिस्तान में 14 ब्रितानी सैन्यकर्मी मारे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नैटो सैनिक नई रणनीति से काम लेंगे'04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस नैटो अफ़ग़ानिस्तान में भूमिका बढ़ाएगा08 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ान विमान दुर्घटना में 14 की मौत02 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'कंधार में 200 तालेबान लड़ाके मारे गए'03 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'बड़ी संख्या में तालेबान चरमपंथी मारे गए'20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ती हिंसा की वजह20 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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