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परमाणु समझौते के लिए विशेष दूत नियुक्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने श्याम सरन को अमरीका के साथ परमाणु समझौते संबंधी बातचीत के लिए विशेष दूत नियुक्त किया है. श्याम सरन भारत के विदेश सचिव हैं और वो सितंबर में अवकाश ग्रहण करने वाले हैं. श्याम सरन ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते के संबंध में अहम भूमिका अदा की है. उनके स्थान पर शिव शंकर मैनन को नया विदेश सचिव नियुक्त किया गया है. मैनन इस समय पाकिस्तान में भारत के राजदूत हैं और वो अक्टूबर में अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे. 1972 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी शिव शंकर मैनन ने चीन, इसराइल, ऑस्ट्रिया, जापान और श्रीलंका में कार्य किया है. ग़ौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जब पिछले साल जुलाई में अमरीका गए थे तब दोनों देशों के बीच परमाणु सहमति पर हस्ताक्षर किए गए थे. परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर न करनेवाले भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण समझौता माना जा रहा है. बदले में भारत ने अपने परमाणु क्षेत्र में असैनिक और सैनिक कार्यक्रमों को अलग करने का वादा किया है. अमरीकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा ने भारत के साथ परमाणु सहमति को मंज़ूरी दे दी है. लेकिन अभी सीनेट की मंज़ूरी बाकी है जिसके बाद यह सहमति भारत और अमरीका के बीच द्विपक्षीय समझौते में तब्दील हो जाएगी. भारत को शीत युद्ध के ज़माने में अमरीका का विरोधी समझा जाता था इसलिए अमरीका के कुछ राजनीतिज्ञों ने इस सहमति को लेकर चिंताएँ भी व्यक्त की हैं. |
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