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कोलंबो में बम धमाका, सात की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुए एक बम हमले में कम से कम सात लोग मारे गए हैं. ये धमाका श्रीलंकाई राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास के पास हुआ. धमाके के वक़्त एक काफ़िला वहाँ से गुज़र रहा था. श्रीलंका सेना का कहना है कि ये काफ़िला पाकिस्तानी उच्चायुक्त बासिर वली मोहम्मद का था. धमाका एक रिक्शा में रखे विस्फोटकों के फटने से हुआ. हमले में पाकिस्तानी उच्चायुक्त को चोट नहीं पुहँची है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि क्या ये धमाका उनको निशाना बनाकर किया गया था. पाकिस्तान में विदेश मंत्रालय ने हमले की ये कहते हुए निंदा की है कि पाकिस्तानी उच्चायुक्त को निशाना बनाया गया था. इससे पहले तमिल विद्रोहियों ने सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने एक अनाथालय पर बमबारी की है जिसमें 43 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई और 60 लोग घायल हुए हैं. विद्रोहियों का कहना है कि अनाथालय पर हमला मुलाईतुवु ज़िले के उत्तरी हिस्से में किया गया जहाँ उनका नियंत्रण है. वहीं श्रीलंका सेना का कहना है कि हवाई हमले हुए हैं लेकिन अनाथालय पर हुए कथित हमले के बारे में जानकारी होने से सेना ने इनकार किया. सेना ने कहा है कि तमिल विद्रोही जाफ़ना में घुसे और रिहाइशी इलाक़ों पर हमला किया. हिंसा जारी सेना ने इन आरोपों का भी खंडन किया कि उसने जाफ़ना के पास एक तमिल बहुल गॉंव अलाईपिड्डी में एक चर्च पर हमला कर कम से कम 15 लोगों को मारा है. तमिल विद्रोहियों और सेना के बीच संघर्ष जारी है और विद्रोहियों ने श्रीलंका सरकार के साथ शांति वार्ता करने से मना कर दिया है. राहत एजेंसियों का कहना है कि संघर्ष की ताज़ा घटनाओं में करीब एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं, करीब साठ हज़ार लोग अपना घर छोड़ कर भाग गए हैं और लगभग तीस हज़ार लोग पूर्वी हिस्सों में संघर्ष के चलते फँसे हुए हैं. श्रीलंका के जाफ़ना में बड़े स्तर पर गोलीबारी हुई है. संघर्ष में आई तेज़ी से उन देशों में चिंता का माहौल है जो श्रीलंका को आर्थिक मदद देते हैं जिसमें अमरीका, जापान, यूरोपीय संघ और नॉर्वे शामिल है. इन देशों ने कहा है कि हिंसा ख़त्म होनी चाहिए क्योंकि ये 2002 के संघर्षविराम के लिए खतरा है. श्रीलंका में मानवीय हालातों पर भी इन देशों ने चिंता जताई है. 2002 में श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्षविराम हुआ था. पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच हिंसा का दौर चल रहा है हालांकि आधिकारिक तौर पर अब भी संघर्षविराम लागू है. श्रीलंका में सोमवार से त्रिकोणीय क्रिकेट सिरीज़ भी शुरू हो रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें शांति वार्ता की पेशकश से इनकार13 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस सेना और एलटीटीई के बीच भीषण लड़ाई12 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में कई और मोर्चे खुले12 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ नया मोर्चा'11 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में फिर लड़ाई भड़की10 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई विद्रोही मुट्टूर से हटे'05 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में तनाव बढ़ने के मूल कारण04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस भीषण लड़ाई के कारण लोगों का पलायन04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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