BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
रविवार, 06 अगस्त, 2006 को 10:42 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'सहायता एजेंसी के 15 लोगों की मौत'
श्रीलंका
श्रीलंका में पिछले कई दिनों से जल विवाद को लेकर संघर्ष चल रहा था
श्रीलंका में सहायता एजेंसी के अधिकारियों ने कहा है कि एक फ़्रांसीसी एजेंसी के 15 स्थानीय कर्मचारियों की देश के पूर्वोत्तर के एक इलाक़े में मौत हो गई है.

ये इलाक़ा उसी जगह के आसपास है जहाँ श्रीलंका की सेना और तमिल विद्रोहियों के बीच संघर्ष हुआ है.

ख़बरों के मुताबिक सहायता एजेंसी के कर्मचारियों की लाशें मुट्टुर के पास मिले हैं.

इससे पहले श्रीलंका में विवादास्पद माविलारु बांध से पानी छोड़ने पर राज़ी होने के बाद तमिल विद्रोहियों ने कहा था कि ये समझौता खटाई में पड़ गया है.

ये घोषणा उस घटना के बाद की गई जिसमें श्रीलंका सेना ने तमिल विद्रोहियों पर उस समय गोलीबारी की जब वे बांध के गेट खोलने जा रहे थे.

अंतरराष्ट्रीय वार्ताकारों ने कहा है कि वे सरकार के रवैये से निराश हैं.

बांध से पानी छोड़ने पर श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों के बीच सहमति के बाद लग रहा था कि दोनों पक्षों के बीच विवाद थम जाएगा.

पर्यवेक्षकों का कहना है कि शायद श्रीलंकाई अधिकारी ये दिखाना चाहते हैं कि उन्होंने बांध के गेट सैन्य ताकत के बल पर खुलवाए न कि तमिल विद्रोहियों के राज़ी होने के चलते.

समझौता

नार्वे के शांति दूत जॉन हानसेन बॉवर के साथ बातचीत के बाद तमिल विद्रोहियों ( लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) ने बांध से पानी छोड़ने घोषणा की थी.

दोनों पक्षों के बीच यह समझौता हफ़्तों के संघर्ष के बाद हुआ था. मुट्टूर जलाशय से पानी रोके जाने के बाद लोगों को सिंचाई से जुड़ी दिक्कतें हो रही थीं.

विद्रोहियों का कहना था कि नार्वे के शांति दूत ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जलाशय के पास विद्रोहियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुसीबतों का ख़्याल रखा जाएगा.

एलटीटीई ने स्पष्ट किया था कि वो इस युद्धविराम का पालन करेंगे लेकिन साथ ही चेतावनी दी थी की सरकार किसी तरह की सैनिक ताक़त का इस्तेमाल न करे.

संघर्ष

जानकारों का मानना था कि एलटीटीई के पानी छोड़ने के फ़ैसले से एक युद्ध टल गया है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में पानी को लेकर शुरू हुई झड़प बड़े संघर्ष में बदल रही थी.

इस संघर्ष में जहाँ दोनों पक्षों के कई सैनिक और चरमपंथी मारे गए हैं वहीं भारी संख्या में आम लोगों की भी मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोगों ने पलायन भी किया है.

पलायन करने वाले अधिकतर लोग मुस्लिम हैं और उनका आरोप है कि विद्रोहियों ने मुट्टूर शहर के नागरिक इलाक़ों पर भी हमले किए हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
भीषण लड़ाई के कारण लोगों का पलायन
04 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
'एलटीटीई विद्रोही मुट्टूर से हटे'
05 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>