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सेना पर तमिल विद्रोहियों के हमले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिल विद्रोहियों ने श्रीलंका के पूर्वोत्तर में सेना के तीन शिविरों पर हमले किए हैं. इसी के साथ त्रिंकोमाली ज़िले में दोनों पक्षों के बीच जल क्षेत्र पर विवाद गहरा गया है. श्रीलंका की सेना का कहना है कि उसने विद्रोहियों के हमले का सामना करते हुए उन्हें उस इलाक़े से पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया है. ये भी कहा गया है कि तमिल चरमपंथियों को भारी नुक़सान उठाना पड़ा है लेकिन विद्रोहियों ने इसका खंडन किया है. तमिल विद्रोहियों का ये भी दावा है कि उन्होंने सरकार की कुछ ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया है. उधर श्रीलंका के लड़ाकू विमानों ने तमिल विद्रोहियों के अड्डों पर हमले किए हैं. बीबीसी के कोलंबों संवाददाता का कहना है कि चाहे औपचारिक तौर पर तो दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम जारी है लेकिन वहाँ होने वाली लड़ाई कम से कम त्रोंकोमाली में सामान्य युद्ध की शक्ल लेती जा रही है. दोनों पक्षों के बीच झड़पें एक हफ़्ते पहले शुरू हुईं जब श्रीलंका की सेना ने विद्रोहियों पर उत्तर पूर्वी इलाक़े में पानी रोक रखने का आरोप लगाया. | इससे जुड़ी ख़बरें फिनलैंड के 'पर्यवेक्षक श्रीलंका छोड़ेंगे'28 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'विद्रोहियों की हवाई पट्टी पर बमबारी' 27 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस एक अन्य पहलू भी है श्रीलंका का25 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अहम भूमिका निभाए भारत: राजपक्षे24 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई ने स्वीडन की अपील ठुकराई21 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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