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दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में कमान नैटो को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) की सेना ने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में सोमवार से सैनिक अभियान का कमान संभाल लिया है. अभी तक अमरीकी के नेतृत्व वाली सेना के हाथ में यहाँ की बागडोर थी. अमरीका की अगुआई वाली गठबंधन सेना के कमांडर लेफ़्टिनेंट जनरल कार्ल आइकेनबरी ने एक बयान में कहा है, "नैटो को बागडोर सौंपने से अफ़ग़ान लोगों में यह संदेश जाएगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दक्षिणी प्रांतों में सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है." दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान तालेबान का गढ़ माना जाता है. हाल के दिनों में भी यहाँ हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं और सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सेना के कमान संभालने के बाद इस इलाक़े में सैनिकों की संख्या दोगुनी हो जाएगी. हिंसा कंधार से बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथहेड का कहना है कि नैटो सेना उस इलाक़े का कमान संभाल रही है जहाँ पिछले कुछ महीनों में हिंसा की घटनाएँ तेज़ी से बढ़ी हैं. पिछले सप्ताह गठबंधन और अफ़ग़ान सेना ने कहा था कि उन्होंने दक्षिणी और पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में हुए संघर्ष में कम से कम 20 तालेबान चरमपंथियों को मार दिया है. ब्रितानी और कनाडा की सेना दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में कमान संभालने जा रही है लेकिन इलाक़े में उनकी मौजूदगी के कारण पहले ही संघर्ष तेज़ हो गया है. इस साल इन इलाक़ों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नैटो सेना की भूमिका अमरीका की अगुआई वाली गठबंधन सेना से अलग होगी. नैटो सेना इस इलाक़े में नियंत्रण स्थापित करने के लिए अफ़ग़ान सरकार की मदद करेगी. साथ ही सुशासन और विकास पर भी नैटो का ध्यान रहेगा. लेकिन जानकारों का कहना है कि नैटो के लिए यह काम आसान नहीं होगा. ख़ासकर उस स्थिति में जब तालेबान विद्रोही उनके लिए कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'चार अल क़ायदा चरमपंथी हिरासत में' 29 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में हेलीकॉप्टर की दुर्घटना27 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस 'हेलमंद में 19 तालेबान विद्रोही मारे गए'23 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार में दो आत्मघाती हमले22 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष तेज़ हुआ15 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस रम्सफ़ेल्ड अचानक काबुल पहुँचे11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजेगा ब्रिटेन10 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस दस तालेबान लड़ाके 'मारे गए'08 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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