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दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष तेज़ हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में हुए संघर्ष में 26 संदिग्ध तालेबान चरमपंथी मारे गए हैं. गठबंधन सेनाओं के एक प्रवक्ता का कहना था कि हेलमंद प्रांत में एक हवाई हमले में 10 विद्रोही मारे गए हैं. दूसरा संघर्ष दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में हुआ. इधर अफ़ग़ानिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि वह दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में आम नागरिकों के मारे जाने को लेकर चिंतित है. आयोग का कहना है कि इस साल संघर्ष में 600 से अधिक आम नागरिक मारे गए हैं. इनमें से अधिकतर तालेबान के आत्मघाती हमलों, सड़क के किनारे छुपे बमों और हमलावर दस्तों के निशाना बने. गठबंधन सेनाओं का कहना है कि मौजूदा संघर्ष मई में शुरू किए गए 'ऑपरेशन माउंट थर्स्ट' का ही हिस्सा है. इस हमले में 300 ब्रितानी सैनिकों के अलावा अमरीकी और कनाडा के सैनिक भी शामिल थे. तालेबान के 2001 में पतन के बाद अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सेनाओं का यह सबसे बड़ा अभियान था. इसके अलावा गठबंधन सेनाओं ने उरुज़गान प्रांत में भी अभियान चलाया जिसमें 31 विद्रोही मारे गए. अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. हालांकि गठबंधन सेनाएँ लगातार संदिग्ध विद्रोहियों को निशाना बना रही हैं लेकिन उनके सैनिक भी हमलों में मारे जा रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रितानी सेना का सबसे बड़ा अभियान शुरु15 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान मारे गए27 मई, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार में 12 तालेबान लड़ाके मारे गए03 जून, 2006 | भारत और पड़ोस हमले में दो अमरीकी सैनिक घायल06 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'कई तालेबान लड़ाके मारे गए'11 जून, 2006 | भारत और पड़ोस काबुल विस्फोट में एक की मौत05 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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