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आईआईएम में लालू पर अध्ययन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपनी चुटकीली बातों से हमेशा चर्चा में रहने वाले भारतीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की कार्यप्रणाली पर भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद के शिक्षक अध्ययन कर रहे हैं. आईआईएम के वरिष्ठ शिक्षक जी रघुराम का मानना है कि रेल मंत्री के रुप में लालू प्रसाद की कार्यप्रणाली प्रबंधन के छात्रों के लिए उपयोगी साबित होगी. उनका कहना है कि लालू यादव और रेल मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी सुधीर कुमार ने छोटे छोटे बदलाव लाकर मंत्रालय की कार्यशैली में गतिशीलता ला दी है. इन बदलावों से रेलवे को काफ़ी फ़ायदा हो रहा है. प्रोफ़ेसर रघुराम का कहना है, "एक तो संपदा के भरपूर इस्तेमाल पर ज़ोर दिया जा रहा है. दूसरा मालभाड़े का स्वरुप भी लचीला बनाया गया है. लचीलेपन का मतलब वास्तव में वस्तुओं या सामानों के लचीलेपन से है. कम लोच वाले सामान का भाड़ा बढ़ा है जैसे लोहा." वो कहते हैं कि अब मालगाड़ियों की बोझ ढ़ोने की ताकत यानी लोडिंग क्षमता का भी पूरा दोहन किया जा रहा है. उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में उन्नयन (अपग्रेडेशन) की योजना रेलवे के लिए आर्थिक दृष्टि से उपयोगी साबित हो रही है. हालाँकि यह आशंका भी जताई जा रही है कि लालू यादव के रेल मंत्री पद से हटते ही रेलवे पुराने ढर्रे पर आ जाएगी. इसे ध्यान में रखते हुए रघुराम जल्दी ही अपनी अध्ययन रिपोर्ट रेलवे को सौंपने वाले हैं. इसके बाद वो इसे आईआईएम छात्रों को पढ़ाने का मन भी बना रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें उर्दू पर सहयोग बढ़ाने की पहल31 मई, 2006 | भारत और पड़ोस गोलवलकर पर बन रही है फ़िल्म12 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस और अपने वकील ख़ुद बन गए लालू...26 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'लालू यादव पर अध्याय ख़त्म होगा'05 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आईआईएम की फ़ीस में वृद्धि 02 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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