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गोलवलकर पर बन रही है फ़िल्म | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दूसरे सरसंघचालक सदाशिव गोलवलकर यानी 'गुरु गोलवलकर' के जीवन पर एक फ़िल्म बन रही है. इस डाक्यूमेंट्री ड्रामा कर्मयोगी की शूटिंग भोपाल में शुरू हो गई है. गोलवलकर के संपूर्ण जीवन ख़ासतौर पर सरसंघचालक के तौर पर आरएसएस के संगठन और विकास में उनकी भूमिका को दर्शाती सवा घंटे लंबी यह फ़िल्म मार्च के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी. फ़िल्म के निदेशक नीतीश भारद्वाज का कहना है कि फ़िल्म की पूरी शूटिंग भोपाल में ही होगी और उसकी समाप्ति के बाद वे संघ के पुराने कार्यकर्ताओं जैसे अटल बिहारी वाजपेयी, नानाजी देशमुख तथा अन्य लोगों के इंटरव्यू के लिए बाहर जाएँगे. आरएसएस प्रवक्ता राम माधव जो फ़िल्म की पहले दिन की शूटिंग के लिए भोपाल आए थे, ने कहा कि सारी शूटिंग भोपाल में किए जाने का ध्येय है कि फ़िल्म कम से कम खर्च में तैयार हो जाए. उन्होंने कहा कि भारत के छह राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहने के बावजूद भी वह फ़िल्म निर्माण में कोई सरकारी मदद नहीं ले रहे और इसका सारा खर्च संघ अपने बजट से ही वहन करेगा. भोपाल के एक स्थानीय स्कूल में, शनिवार को हुई फ़िल्म की शूटिंग में गुरू गोलवलकर का किरदार निभा रहे दीपक राजे और बाल कलाकार अनहद बजाज ने हिस्सा लिया. कानपुर निवासी दीपक राजे का कहना है कि हालाँकि एक्टिंग का उनका यह पहला अनुभव है लेकिन गोलवलकर से उनकी मुलाकातों और उनपर लिखी गई पुस्तकों का अध्ययन उन्हें यह किरदार निभाने में पूरी मदद करेगा. गुरू गोलवलकर की तरह लंबी दाढ़ी, लम्बे बाल और काली फ्रेम का वैसा ही चश्मा लगाने वाले दीपक राजे काफी हद तक आरएसएस के दूसरे सरसंघचालक जैसे दिखते हैं. गोलवलकर के जीवन और दर्शन को उजागर करने के साथ-साथ भारत के विभाजन, गाँधी जी की हत्या का संघ पर आरोप और साठ के दशक की गोहत्या विरोधी मुहिम में उसकी भूमिका जैसे विवादास्पद पहलूओं को भी दर्शाएगी. मूलतः हिंदी में बनाई जा रही इस फ़िल्म को बाद में अन्य भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में डब किया जाएगा तथा सीडी, वीसीडी और वीडियो कैसेट के सहारे पूरे भारत में प्रदर्शित किया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें सुदर्शन की सलाह पर कड़ी प्रतिक्रिया18 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस संघ की शाखा में अब टीशर्ट और बरमूडा08 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस भाजपा में अंतरकलह: कारण और परिणाम18 जून, 2004 | भारत और पड़ोस हिंदुत्व: भाजपा पर आरएसएस का दबाव16 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस वैचारिक भटकाव पर संघ की चेतावनी09 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस संघ ने सावरकर की प्रशंसा की | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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