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उर्दू पर सहयोग बढ़ाने की पहल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में हैदराबाद स्थित मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय अब उर्दू भाषा में उच्च और तकनीकी शिक्षा के उत्थान के लिए नए अवसर तलाश कर रहा है. देश में यह उर्दू का एक मात्र विश्वविद्यालय है जिसने काफ़ी तेज़ी से अपने आप को स्थापित किया है. अब यह उर्दू विश्वविद्यालय पाकिस्तान के उर्दू विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग का इच्छुक है ताकि उनसे पाठ्य पुस्तकें, किताबें और अध्ययन सामग्री ली जाए जो भारत में उर्दू छात्रों और विशेषकर उर्दू विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए लाभदायक हो सके. मौलाना आज़ाद उर्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर एएम पठान ने बीबीसी को बताया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान जाने और पाकिस्तानी विश्वविद्यालयों के अधिकारियों के साथ बातचीत से संबंधित उनके सुझाव को मंज़ूर दे दी है और उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बहुत जल्द पाकिस्तान का दौरा करेगा. प्रोफ़ेसर पठान ने बताया कि भारत में यह एकमात्र यूनिवर्सिटी है जिसमें उर्दू भाषा के माध्यम से शिक्षा दी जाती है. इसी प्रकार पाकिस्तान में फ़ेडेरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी और अल्लामा इक़बाल यूनिवर्सिटी है जिसमें शिक्षा का माध्यम उर्दू है. ऐतिहासिक पहल प्रोफ़ेसर पठान बताते हैं, "चूंकि पाकिस्तान की सरकारी भाषा उर्दू है और काफ़ी किताबें उर्दू में हैं और उर्दू के विकास के लिए उन्होंने जो तरीक़े अपनाए हैं उनको हम जानना चाहते हैं. उनका कहना था, '' हमारा एक प्रतिनिधि मंडल वहाँ जाएगा और यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि किस तरह लोग उर्दू में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और उनके पास कौन सी किताबें और अध्ययन सामग्री मौजूद है ताकि हमारा विश्वविद्यालय भी उनसे लाभ उठा सके." माना जा रहा है कि यदि ऐसा होता है तो यह एक ऐतिहासिक घटना होगी क्योंकि यह पहली बार है कि शिक्षा के क्षेत्र में और विशेषकर उर्दू भाषा के क्षेत्र में दो पड़ोसियों के बीच इस प्रकार के सहयोग की संभावनाएं ढ़ूंढ़ी जा रही हैं. विभाजन की दुखद विरासत से अब तक छुटकारा न पा सकने वाले इन दोनों देशों के बीच अभी हाल तक इस प्रकार के किसी सहयोग के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था. यह भी महत्वपूर्ण है कि सब कुछ उर्दू भाषा के लिए हो रहा है जिसे विभाजन से पहले मुसलमानों के उच्च वर्ग से जोड़कर देखा जाता था और अभी तक भारत में एक प्रभावशाली गुट इस भाषा को मुस्लिम अल्पसंख्यकों से जोड़कर उसे देश के विभाजन के लिए ज़िम्मेवार ठहराता रहा है. यह पूछने पर कि क्या उर्दू भाषा की उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पाकिस्तानी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग को भारत की सरकारी नीति के तौर पर देखा जा सकता है, प्रोफ़ेसर ने पठान ने कहा, "जहाँ से भी उर्दू के विकास में फ़ायदा होगा, सरकार उसकी इज़ाजत देगी. मुझे अनुमति मिल चुकी है. हम पूरी किताबें नहीं लेंगे, जो भी हमारे हालात के लिए ठीक हैं हम वह अपनाएंगे और उसका उपयोग करेंगे." रोचक बात यह है कि उर्दू का यह विश्वविद्यालय उस ऐतिहासिक नगर हैदराबाद में है जहां कभी उर्दू का पहला विश्वविद्यालय, उस्मानिया विश्वविद्यालय स्थापित हुआ था. इसमें इंजीनियरिंग और चिकित्सा की शिक्षा भी उर्दू भाषा में दी जाती थी. आलोचना गत वर्ष इस विश्वविद्यालय के पहले दीक्षान्त समारोह में राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने चार हज़ार छात्र-छात्राओं को अनेक उपाधियाँ और प्रमाणपत्र दिए थे.
विश्वविद्यालय से देशभर में दूरस्थ शिक्षा का लाभ उठाने वाले छात्रों की संख्या 56 हज़ार तक पहुंच गई है जिनमें 55 प्रतिष्ठित महिलाएं भी शामिल हैं. लेकिन भारत में उर्दू माध्यम से शिक्षा पाने वाले छात्रों के प्रति सबसे बड़ी आलोचना यह होती है कि रोज़गार के मामले में उनका भविष्य अधिक उज्जवल नहीं है. इस बाबत प्रोफ़ेसर पठान कहते हैं, "उर्दू के छात्रों का भविष्य भी वही है जो दूसरी भाषाओं के छात्रों का है. हम उर्दू को रोज़गार से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं इसलिए हमने इस यूनिवर्सिटी में अंग्रेज़ी भाषा की शिक्षा का इंतज़ाम किया है और अंग्रेज़ी के प्रश्नपत्र की संख्या दोगुनी कर दी गई है." हैदराबाद के कैम्पस के अलावा 15 राज्यों में इस विश्वविद्यालय के तक़रीबन 100 शिक्षण केंद्र और आठ क्षेत्रीय केंद्र चल रहे हैं. इस तरह यह विश्वविद्यालय अब उर्दू भाषा के माध्यम से पाकिस्तान और भारत के बीच संपर्क की कड़ी बनने जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'किताबें कुछ कहना चाहती हैं'29 जनवरी, 2006 | मनोरंजन पढ़ने में दुनिया में सबसे आगे भारतीय27 जून, 2005 | मनोरंजन मजाज़: कुछ अनछुए पहलू04 दिसंबर, 2005 | मनोरंजन 'मैं झूठ के दरबार में सच बोल रहा हूँ...'19 नवंबर, 2005 | मनोरंजन सराहा जा रहा है सरहद पार का साहित्य25 अगस्त, 2004 | मनोरंजन सार्क देशों के लेखकों का सम्मेलन07 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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