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गड्ढे में गिरे बच्चे को सेना ने बचाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा के कुरुक्षेत्र ज़िले के एक गाँव में 60 फुट गहरे गड्ढे में गिरे एक बच्चे को कई घंटे के प्रयास के बाद भारतीय सेना के अधिकारी बचाने में कामयाब हो गए. हलदेड़ी गाँव में पाँच वर्ष का मासूम बच्चा प्रिंस शुक्रवार को खेतों में घूमते-घूमते इस गड्ढे में गिर गया जिसे ट्यूबवेल के लिए खोदा गया था और फिर खुला छोड़ दिया गया था. इसी कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ है. मात्र एक फ़ुट चौड़े इस गड्ढे के दमघोटू माहौल में ये बच्चा लगभग 50 घंटे तक फँसा रहा. प्रिंस को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के इंजीनियरों और जवानों ने अनथक प्रयास किया. जब तक बच्चे को सेना ने बाहर निकाला तब तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी और कई लोग तो आसपास के नगरों और गाँवों से वहाँ पहुँचे हुए थे. बच्चे को सेना के कैप्टन पंकज उपाध्याय ने जब बाहर निकाला तो एकत्र लोगों में, बच्चे के माता-पिता कमलजीत कौर और राम चंदर और हलदेड़ी के गाँववासियों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई. कई लोगों ने तो पटाखे चलाए और मिठाई भी बाँटी. लेकिन 50 घंटे के बाद गड्ढे से बाहर निकाला गया बच्चा भीड़ और शोर को देख काफ़ी घबराया सा नज़र आया. रविवार को प्रिंस का जन्मदिन होने के कारण, बाहर निकाले जाने के बाद उसे प्राथमिक उपचार तो मुहैया कराया ही गया, साथ ही उससे केक भी कटवाया गया. सेना का अभियान सेना के अधिकारियों और जवानों ने इस अभियान के दौरान गड्ढे के बगल में स्थित एक कुएँ की गहराई को 60 फ़ुट तक बढ़ाया. फिर एक सुरंग के ज़रिए उस गड्ढे तक पहुँचे जहाँ बच्चा फँसा हुआ था और उसे बाहर निकालने में कामयाब रहे.
इस दौरान ये ख़तरा भी बना हुआ था कि तेज़ी से काम चलने की वजह से कहीं मिट्टी धंसने न लगे. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने इस ख़बर को प्रसारित करना शुरु किया और इस गड्ढे में कैमरे और माइक्रोफ़ोन उतारे, जिसके बाद लाखों लोगों ने बच्चे को बचाने के प्रयासों को टीवी पर देखा. माइक्रोफोन के ज़रिए सिसक रहे प्रिंस की मार्मिक आवाज़ टीवी चैनलों पर भी सुनी गई. मुख्यमंत्री भी पहुँचे हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने रविवार सुबह बचाव अभियान का मुआयना करने के बाद बताया थी कि ज़रुरी हुआ तो प्रिंस को बचाने के लिए हॉलैंड के विशेषज्ञों से भी संपर्क साधा जाएगा. जब बच्चे को बाहर निकाला गया तब तक वे घटनास्थल पर ही बने रहे. हरियाणा सरकार ने बच्चे के परिवार को दो लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है और उस परिवार को आश्वासन दिया है कि प्रिंस का इलाज मुफ़्त होगा. हुड्डा ने ये भी घोषणा की कि सेना के जो भी अधिकारी इस अभियान के दोरान कुँए के अंदर जाने और सुरंग बनाने इत्यादि में शामिल थे उनमें से हर एक को 51 हज़ार रुपए का इनाम दिया जाएगा. उधर देश में अनेक जगह लोग सुबह से ही बच्चे की कुशलता की कामना कर रहे थे और इसे कछ टीवी चैनलों ने प्रसारित भी किया. इस नाज़ुक अभियान को सफल बनाने के लिए मुंबई से अग्निशमन दस्ते तक को बुलाया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें उन्नीस साल लंबी बेहोशी 10 जुलाई, 2003 | विज्ञान बीच ऑपरेशन जागने से बचाव का उपाय15 अप्रैल, 2004 | विज्ञान स्विमिंग पूल से बच्चों में दमे का 'ख़तरा'18 जुलाई, 2006 | विज्ञान बच्चे को आख़िर भारतीय कश्मीर जाने की इजाज़त मिली01 जून, 2006 | भारत और पड़ोस दूध और जुड़वां बच्चों में संबंध20 मई, 2006 | विज्ञान विकासशील देशों में बच्चों पर ख़तरा09 मई, 2006 | पहला पन्ना लाखों बच्चे भूखे सोते हैं: यूनिसेफ़02 मई, 2006 | पहला पन्ना अविवाहित जोड़े बच्चे गोद ले सकेंगे30 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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