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शुक्रवार, 30 दिसंबर, 2005 को 12:25 GMT तक के समाचार
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अविवाहित जोड़े बच्चे गोद ले सकेंगे
माता-पिता
कई अविवाहित जोड़े अकेले बच्चा गोद लेने से कतराते थे
ब्रिटेन में पारित एक नए क़ानून के तहत अब अविवाहित जोड़े और समलैंगिक दम्पत्ति बच्चों को गोद ले सकेंगे.

इससे पहले इंगलैंड और वेल्स में अविवाहित लोगों को बच्चे को गोद लेने का अधिकार था लेकिन वह अकेले माता या पिता के तौर पर ही ऐसा कर सकते थे.

गोद लेने के क़ानून में पिछले 30 वर्षों में हुइ इस सबसे बड़े फेरबदल के तहत अब अपने बच्चों को गोद देने वाले या उनकी तलाश कर रहे माता-पिता को भी यह जानने का अधिकार होगा कि वे कहाँ हैं.

ग़ैरसरकारी संगठनों का मानना है कि इन संशोधनों की वजह से अब ज़्यादा लोग बच्चों को गोद लेने के लिए प्रेरित हो पाएँगे.

ब्रिटेन में कई ऐसी अविवाहित माएँ हैं जो यह जानने को आतुर हैं कि जिस बच्चे को उन्होंने किसी और को दे दिया था वह जीवित भी है या नहीं.

 यह समझने की ज़रूरत है कि बच्चे को गोद लेने का मतलब यही नहीं है कि उसका उसकी अविवाहित माँ ने परित्याग कर दिया है बल्कि यह भी है कि बच्चे को एक स्थाई घर मिल सके.
फ़ेलिसिटी कॉलियर

अब उनके लिए अपने बच्चे की खोज और उससे मिलना सुलभ हो जाएगा बशर्ते कि बच्चा भी उनसे मिलना चाहे.

एक स्थाई घर-परिवार

एक ग़ैरसरकारी संस्था से जुड़ी फ़ेलिसिटी कॉलियर का कहना है, "यह समझने की ज़रूरत है कि बच्चे को गोद लेने का मतलब यही नहीं है कि उसका उसकी अविवाहित माँ ने परित्याग कर दिया है बल्कि यह भी है कि बच्चे को एक स्थाई घर मिल सके".

उन्होंने कहा कि ऐसे कई बच्चों को अपने प्रारंभिक वर्षों में उपेक्षा झेलनी पड़ती है और ज़रूरत है ऐसे परिवारों की जो उन्हें आश्रय दे सकें.

इससे पहले कई अविवाहित जोड़े बच्चा गोद लेने से हिचकिचाते थे क्योंकि उनमें से केवल एक को ही माता या पिता होने का क़ानूनी अधिकार दिया जाता था.

नेशनल अडॉप्शन एजेंसी का कहना है कि अब गोद लिए हुए नागरिकों से पूछा जा सकेगा कि क्या वे अपने जन्म देने वाले माता-पिता से मिलना चाहते हैं और उनकी जानकारी के बिना उनके बारे में किसी को कोई सूचना नहीं दी जाएगी.

एजेंसी की प्रमुख पैम हॉजकिंस का कहना है कि कई बार बच्चे अपने माता-पिता से नहीं मिलना चाहते क्योंकि उन्हें दूसरी बार ठुकराए जाने का डर होता है.

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