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रविवार, 23 जुलाई, 2006 को 02:10 GMT तक के समाचार
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कुत्तों को सजाने संवारने के लिए ब्यूटी पार्लर

कुत्तों का पार्लर
कुत्तों को सजाने संवारने के लिए पार्लर खोले जा रहे हैं
ब्यूटी पार्लर का नाम सुनते ही दिमाग में सुंदर महिलाओं के चेहरे सामने आ जाते हैं. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी आप हर जगह ब्यूटी पार्लर देख सकते हैं.

मगर अब कुछ नए तरह के ब्यूटी पार्लर भी आप देख सकते है. जहाँ पर सुंदरता में चार चाँद तो लगाया जाता है, मगर महिलाओं की नही बल्कि कुत्तों की.

बदलते ज़माने ने लोगों के इस सबसे वफादार साथी में भी बदलाव लाने पर मज़बूर कर दिया है.

भोपाल में कुत्तों के ब्यूटी पार्लर खुले है और वहाँ अपने कुत्तों को लाने वालों की तादाद भी बड़ी है.

भोपाल में एक ऐसा ही पार्लर चला रहे है, डॉ पराग पंड्या. उनका कहना है कि कुत्तों को रखने वालों की संख्या में लगातार इज़ाफा हो रहा है.

वो कहते हैं,"लोग कुत्ता रखने के साथ ही उसकी देखभाल भी चाहते है. अगर उन्हें सुविधाएं मिलें तो वे उसकी देखभाल के लिए पैसा खर्च करने के लिए भी तैयार है."

इसके साथ ही डॉ पराग पंड्या कुत्तों के सामान की एक दुकान भी चला रहे है. इस दुकान में कुत्ते के काम आने वाली सभी चीज़ें मिल जाती हैं.

यहाँ पर कुत्तों के स्पेशल फ्रूट और स्नेक्स, खिलौने, विन्टर कोट, फीडिंग बोन्स के अलावा एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं को भी देखा जा सकता है.

डाँ पराग पंड्या का कहना है कि आजकल लोग कुत्तों की देखभाल बच्चों की तरह करते है और कितना भी खर्च करने के लिए तैयार रहते है. यही वजह है कि उनके पार्लर में लगातार भीड़ देखी जा सकती है.

मोबाइल पार्लर

डॉ पराग पंड्या की तरह प्रकाश वर्मा भी कुत्तों की ख़ूबसूरती बढ़ाने में लगे है, फ़र्क बस इतना है कि डॉ पंड्या पार्लर चलाते हैं जबकि प्रकाश घर घर जाकर मोबाइल पार्लर चलाते है.

 लोग कुत्ता रखने के साथ ही उसकी देखभाल भी चाहते है. अगर उन्हें सुविधाएं मिलें तो वे उसकी देखभाल के लिए पैसा खर्च करने के लिए भी तैयार है
डॉ पराग पंड्या

प्रकाश के मोबाइल नंबर के ज़रिए कोई भी कभी भी उनकी सेवा ले सकता है. वो कुत्तों की देखभाल के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहते है.

एक क्लीनिक में काम करते हुए उन्हें महसूस हुआ कि कुत्ता पालने वाले लोगों को किन किन दिक्कतों से गुजरना पड़ता है, तभी उन्हें इसको खोलने का ख्याल आया.

उन्होंने कुत्ते की देखभाल के बारे में किताबों से भी काफ़ी जानकारी हासिल की.

प्रकाश का कहना है कि ज़रुरत इस बात की थी कि लोगों को घर बैठे सुविधा उपलब्ध कराई जाए इसी को ख़्याल रखते हुए उन्होंने ये काम शुरु किया.

घर पर सुविधा उपलब्ध कराने के एवज में प्रकाश 50 से लेकर 150 रुपए तक लेते है. उन्हें आमतौर पर एक दिन में 10 से 12 जगह से बुलावा आ जाता है.

प्रकाश मानते है, " कुत्तों की देखभाल उनकी नस्ल के मुताबिक होनी चाहिए. जितना आप उसका ख्याल रखोगे वो आप के लिए भी उतना ही वफादार साबित होगा."

अगर आप इन पार्लर में मिल रही सुविधाओं को देखेंगे तो आप भी महसूस करेंगे कि वाकई कुत्तों के दिन फिर गए हैं.

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