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कुत्ते को मार डाला गिलहरियों ने | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस में एक पार्क में काली गिलहरियों ने एक कुत्ते पर धावा बोलकर उसे मार डाला. पार्क में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वे जब तक कुछ कर पाते तब तक गिलहरियों ने कुत्ते को मार डाला, लोगों का कहना है कि इस हमले में एक मिनट लगा. गिलहरियाँ लोगों को आते देखकर भाग गईं, लोगों का कहना है कि उनमें से कुछ के मुँह में कुत्ते के शरीर टुकड़े भी थे. कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि आहार की कमी होने की वजह से गिलहरियों को भूख मिटाने के लिए ऐसा करना पड़ा, गिलहरियों को आम तौर पर शाकाहारी माना जाता है. लाज़ो नाम के गाँव में हुई इस हैरतअंगेज़ घटना को कम से कम तीन लोगों ने देखा. उनका कहना है कि एक पेड़ के नीचे खड़े होकर एक बड़ा सा आवारा कुत्ता उछल-कूछ मचा रही गिलहरियों पर भौंकने लगा, तभी अचानक गिलहरियों एक झुंड ने डाल से नीचे उतरकर उस पर हमला कर दिया. स्थानीय पत्रकार अनास्तासिया त्रुबित्सना ने बताया, "उन्होंने कुत्ते के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, जब उन्होंने लोगों को आते देखा तो वे मारे गए कुत्ते के टुकड़े अपने मुँह में दबाकर भाग गईं." रूसी वैज्ञानिक मिखाइल तियूनोव कहते हैं, "प्रोटीन की कमी होने पर गिलहरियाँ कभी-कभार चिड़ियों को घोंसलों पर हमले कर देती हैं लेकिन एक कुत्ते को मारकर खा जाना बहुत ही विचित्र बात है." लाज़ो के एक स्थानीय व्यक्ति मिखाइलिच का कहना है कि इस वर्ष ताड़ के फल बिल्कुल नहीं हुए हैं, इन गिलहरियों के पास खाने को कुछ नहीं था. बहरहाल, इस घटना ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों को चौंका दिया है और रूसी मीडिया में यह ख़बर छाई हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें कुतिया ने बच्ची की जान बचाई09 मई, 2005 | पहला पन्ना अजगर और घड़ियाल का झगड़ा06 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना कुत्ता समझे आँखों का इशारा03 जून, 2003 | विज्ञान तोता भौंकता है, कुत्ता साहब है11 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस कुत्तों की प्लास्टिक सर्जरी18 अगस्त, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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