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कुतिया ने बच्ची की जान बचाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कहीं से ख़बर आती है कि माँ ने अपने नवजात शिशु को कूड़े के ढेर पर छोड़ दिया और कहीं से ख़बर आ रही है कि ऐसे ही त्याग दिए गए एक नवजात शिशु को एक कुतिया ने अपने नन्हें नन्हें पिल्लों के साथ पाला. यह कोई परीकथा नहीं, सच है. कीनिया की राजधानी नैरोबी के पास दो लड़कों ने एक नवजात शिशु के रोने की आवाज़ सुनी तो उसकी और खिंचे चले गए. लेकिन वो बच्ची को ढूँढ नहीं पाए. जब उन्होंने ये वाक़या अपनी माँ को बताया तो माँ ने तुरंत बच्चे की तलाश शुरू कर दी. जानवर और इंसान बाहर निकल कर देखा तो उनकी पालतू कुतिया अपने छोटे-छोटे पिल्लों को दूध पिला रही थी. पास जाने पर पता चला कि बगल में ही प्लास्टिक के थैले में दो हफ़्ते की एक बच्ची लिपटी हुई है. कुतिया की मालकिन ने कीनिया के अख़बार डेली नेशन को बताया, "मैंने बच्ची को उठाया, साफ़ किया और थोड़ा दूध पिलाया." उसके बाद इस बच्ची को अस्पताल में भर्ती करवाया गया. सुधार डॉक्टरों ने बताया है कि बच्ची की नाभि में कीड़े पड़ चुके थे. लेकिन अब उसका ठीक से इलाज किया जा रहा है और इस इलाज के कारण बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार भी हो रहा है. जैसे ही ये ख़बर अख़बारों में छपी, लोगों ने कपड़े और ज़रूरत की चीज़ें पहुँचानी शुरू कर दीं. कीनिया में भयंकर ग़रीबी और पारिवारिक संबंधों में तनाव के कारण नवजात शिशुओं को छोड़ देने की घटनाएँ कई बार सामने आती हैं. |
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