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'अंग्रेज़ भूत' को बिहार में चाय-नाश्ता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी राज के दौरान ब्रिटेन के एक सैनिक थे - ओवेन टॉमकिन्सन. वर्ष 1906 में बिहार प्रदेश में ही उन्हें हैज़ा हुआ और इसके बाद उन्होंने अंतिम साँस ली. फिर ब्रितानी शासन चला गया. लेकिन हैरत की बात ये है कि ओवेन टॉमकिन्सन आज भी ज़िंदा हैं. बात ज़रा अजीब लगती है. लेकिन अगर आप बिहार के गया शहर में इक़बालनगर इलाक़े में जाएँ, और वहाँ के लोगों से मिलें तो ये बात बिल्कुल भी अजीब नहीं लगेगी. इक़बालनगर के लोगों का कहना है कि ओवेन टॉमकिन्सन का भूत लोगों को ना केवल अक्सर रोकता है बल्कि उनसे चाय और केक माँगा करता है. और बात यहीं नहीं रूकती. लोग ओवेन की माँग पूरी भी करते हैं और उसकी क़ब्र पर चाय-बिस्कुट और केक चढ़ाया करते हैं. गया में ओवेन की क़ब्र एक ऐसे क़ब्रिस्तान में है जहाँ सैकड़ों और ब्रितानी दफ़न हैं जिनकी मौत भी इसी क्षेत्र में हुई थी. अधिकतर क़ब्रें तीन से आठ साल के बच्चों की हैं जिनकी मौत 1833 से 1877 के बीच हुई थी. अंग्रेज़ भूत ओवन टॉमकिन्स की क़ब्र पर ख़ुदे संदेश के अनुसार उनकी मौत 47 वर्ष की आयु में 19 सितंबर 1906 को हुई थी. लेकिन उनकी मौत के 100 साल बाद आज भी इकबालनगर के मुस्लिम बहुल इलाक़े के लोग कहते हैं कि "अंग्रेज़ भूत" की आत्मा आज भी भटक रही है जो केवल चाय और केक से शांत हो सकती है. एक स्थानीय स्कूल टीचर मोहम्मद ज़मिउद्दिन कहते हैं,"रात घिरते ही सूट-बूट में अंग्रेज़ भूत आता है और सड़क के बीच खड़े होकर चाय-बिस्कुट माँगता है". क़ब्रिस्तान के प्रभारी महमूद अली का कहना है कि भूत के बारे में वे पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते लेकिन उन्हें कुछ संदेह है. महमूद अली कहते हैं,"मैं कभी भी किसी अंग्रेज़ भूत से नहीं मिला. लेकिन मुझे लगता है कि यहाँ ज़रूर कोई ऐसी भटकती हुई आत्मा है जिसे चाय-बिस्कुट अच्छा लगता है". भूत से मुलाक़ात
इक़बालनगर में अंग्रेज़ भूत से मुलाक़ात की कई तरह की कहानियाँ सुनने को मिलेंगी. एक छोटे व्यवसायी मोहम्मद बशीर ने पाँच साल पहले की एक घटना के बारे में कहा,"भूत ने मुझे रोका, मुझसे हाथ मिलाया और फिर ग़ायब हो गया". वहीं मोहम्मद ज़मिउद्दिन बताते हैं,"यहाँ के एक निवासी ने एक दिन भूत को किसी दैवी चेन से पकड़ लिया और क़ब्र के निकट एक लोहे के खंभे से बाँध दिया". लेकिन क़ब्रिस्तान के प्रभारी बताते हैं कि इसके बाद किसी ने चेन चुरा लिया जिसके बाद भूत फिर छूट गया. अंधविश्वास
गया में अभी भी अंग्रेज़ रहते हैं और उनमें सबसे बुज़ुर्ग हैं आर्थर वेकफ़ील्ड जो ओवेन टॉमकिन्सन के भूत की कहानियों से परेशान हैं. आर्थर वेकफ़ील्ड कहते हैं,"चाय-बिस्कुट माँगनेवाले भूत की कहानी बस बकवास है और ये स्थानीय लोगों के अंधविश्वास के अलावा कुछ नहीं है". लेकिन अंधविश्वास-विश्वास के तर्क से अलग इक़बालनगर में अभी भी लोग ओवेन टॉमकिन्सन की क़ब्र पर चाय-बिस्कुट-केक चढ़ाने के लिए आते रहते हैं. एक स्थानीय निवासी फ़याज़ अहमद बताते हैं कि अंग्रेज़ भूत एक शरीफ़ भूत है. फ़याज़ कहते हैं,"वह दूसरे भूतों से अलग है. वो किसी का नुक़सान नहीं करता. अगर आप उसको चाय-बिस्कुट ना भी दें तो भी वो कुछ नहीं करेगा. हाँ आपको वादा करना होगा कि आप अगले दिन वह लेकर आएँगे". |
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