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बीस विद्रोही मारे गए: अफ़ग़ान सेना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान की सेना का कहना है कि दक्षिण में स्थित हेलमंद प्रांत में सरकार का विरोध कर रहे 20 लड़ाके सेना के साथ एक मुठभेड़ में मारे गए हैं. उस क्षेत्र में सेना के एक कमांडर जनरल रहमत्तुल्ला रौफ़ी का कहना है कि गुप्त जानकारी मिलने के बात विदेशी सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान की सेना के साथ मिलकर संयुक्त तौर पर ये अभियान चलाया. मुठभेड़ तब शुरु हुई जब सेना ने मूसा क़िला जगह पर विद्रोहियों पर हमला किया जब वहाँ उनकी एक बैठक हो रही थी. जनरल रौफ़ी का कहना था, "मुठभेड़ तीन घंटे तक चली और घटनास्थल से उनका कहना था कि एक सैनिक भी इस मुठभेड़ में घायल हुआ. हाल के दिनों में दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में हज़ारों नौटो और अफ़ग़ान सैनिकों तैनात किया गया है ताकि वे तालेबान लड़ाकों और उनके समर्थकों का सामना कर सकें. पिछले हफ़्ते सेना का कहना था कि उरुज़गान प्रांत में लड़ाकों के साथ हुई झड़पों में 40 तालेबान लड़ाके मारे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान लड़ाई में अनेक हताहत16 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कई संदिग्ध चरमपंथी मारे गए: सेना10 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार में आत्मघाती हमला, चार मरे04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार धमाके में 14 लोगों की मौत07 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीकी सैनिकों पर आत्मघाती हमला13 जून, 2005 | भारत और पड़ोस कंधार में मस्जिद में बम फटा, 20 की मौत01 जून, 2005 | भारत और पड़ोस संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की12 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस विस्फोट के बाद काबुल में 'हाई अलर्ट'30 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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