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दक्षिण अफ़ग़ानिस्तान में कार्रवाई तेज़ हुई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटिश सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के प्रभाव वाले क्षेत्र में अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है. अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सेनाओं के प्रमुख ब्रिगेडियर बटलर का कहना था कि तालेबान के प्रभाववाले हेलमंद प्रांत में उनका अभियान अपने निर्धारित कार्यक्रम से दो महीने आगे चल रहा है. उनका कहना था कि ब्रिटिश सैनिकों ने ऐसे पर्वतीय इलाक़ों में नाके स्थापित कर लिए हैं जिनपर पिछले तीन दशकों से किसी भी सरकार का नियंत्रण नहीं रहा है. ब्रिगेडियर बटलर का कहना था कि ब्रितानी सेनाओं ने पिछले कुछ महीनों में लगभग 30 तालेबान लड़ाकों को मारने में सफलता हासिल की है. उनका कहना था कि इसके लिए कई अभियान चलाए गए जिनमें अपाचे हेलिकॉप्टर का सहारा भी लिया गया. ब्रितानी सैन्य अधिकारी का कहना था कि जुलाई की शुरुआत तक ब्रिटिश सैनिकों की तैनाती का काम पूरा हो जाएगा. ग़ौरतलब है कि ब्रिटेन अमरीकी सैनिकों से दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेने जा रहा है. अभियान तेज़ दूसरी ओर अमरीकी सेना का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में ताज़ा संघर्ष में लगभग 40 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. गठबंधन सैनिकों ने कहा कि उन्होंने अफ़ग़ान सुरक्षा बलों के साथ मिलकर देश के दक्षिणी हिस्से में एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया जहाँ अफ़ग़ान लड़ाके छुपे हुए थे. इधर अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी कूनार प्रांत में एक सड़क पर हुए बम विस्फोट में गठबंधन सेना के दो सैनिकों की मौत हो गई. गठबंधन सेना और अफ़गान सैनिकों ने मिलकर इसी सप्ताह एक बड़ा अभियान शुरू किया जिसे 'ऑपरेशन माउंटेन थ्रस्ट' नाम दिया गया है. इस अभियान का उद्देश्य ख़ासतौर से दक्षिणी इलाक़ों में तालेबान लड़ाकों को निशाना बनाना है और उन इलाक़ों में सरकारी नियंत्रण सुनिश्चित करना है. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ान लड़ाई में अनेक हताहत16 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कई संदिग्ध चरमपंथी मारे गए: सेना10 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार में आत्मघाती हमला, चार मरे04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस कंधार धमाके में 14 लोगों की मौत07 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीकी सैनिकों पर आत्मघाती हमला13 जून, 2005 | भारत और पड़ोस कंधार में मस्जिद में बम फटा, 20 की मौत01 जून, 2005 | भारत और पड़ोस संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की12 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस विस्फोट के बाद काबुल में 'हाई अलर्ट'30 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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