|
बयान बदलने के लिए एक और सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बेस्ट बेकरी कांड की प्रमुख गवाह रही ज़ाहिरा शेख़ को बार-बार अपना बयान बदलने के जुर्म में मुंबई की एक अदालत ने तीन महीने की सज़ा सुनाई है. इसी वर्ष मार्च महीने में सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार बयान बदलने के ही आरोप में ज़ाहिरा को एक वर्ष क़ैद और 50 हज़ार रूपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई थी. मुंबई की अदालत ने सोमवार को फ़ैसला सुनाते हुए ज़ाहिरा को 500 रूपए का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है. जुर्माना न भरने पर उनकी सज़ा 10 दिन बढ़ा दी जाएगी. फ़ैसले में कहा गया है कि तीन महीने की ये सज़ा सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई सज़ा की अवधि ख़त्म होने बाद लागू होगी. फ़िलहाल ज़ाहिरा मुंबई जेल में सज़ा काट रही हैं. इससे पहले अदालत ज़ाहिरा की माँ और उनकी बहन को भी ऐसी ही सज़ा सुना चुकी है. ग़ौरतलब है कि वर्ष 2002 में गोधरा में एक ट्रेन में कथित रूप से आग लगाने की घटना के बाद गुजरात में भड़के दंगों में एक हज़ार से भी ज़्यादा मुसलमानों की जानें गई थीं. इन्हीं दंगों के दौरान हुए वड़ोदरा के बेस्ट बेकरी में दंगाइयों ने 14 लोगों को ज़िंदा जला दिया था जिनमें 12 मुसलमान थे. | इससे जुड़ी ख़बरें सज़ा कम करने की याचिका ख़ारिज10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस ज़ाहिरा शेख़ का फिर नया बयान16 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ज़ाहिरा शेख ने आत्मसमर्पण किया10 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ज़ाहिरा शेख़ को एक साल की सज़ा08 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस न्याय व्यवस्था में जनविश्वास बढ़ा: तीस्ता24 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बेस्ट बेकरी कांड में नौ को उम्र क़ैद24 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस तीन बरस से न्याय की आस में हैं, पर.....16 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||