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धमाके में 'नौ तमिलों की मौत' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि बारूदी सुरंग के धमाके कम से कम नौ तमिल नागरिकों की मौत हो गई है जबकि 13 अन्य घायल हो गए हैं. विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि यह धमाका विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़े बट्टिकलोआ में हुआ है. उन्होंने इसके लिए सेना को दोषी ठहराया है. दूसरी ओर सेना के प्रवक्ता ने आरोप को बेबुनियाद बताया है. तमिल विद्रोहियों के प्रवक्ता दया मास्टर ने सेना पर बारूदी सुरंग बिछाने का आरोप लगाते हुए कहा, "यह वाहनों को उड़ाने वाली बारूदी सुरंग थी. ट्रैक्टर से जा रहे लोग इसकी चपेट में आ गए." 'बेबुनियाद आरोप' दूसरी ओर सेना के प्रवक्ता प्रसाद समरसिंघे ने आरोप बेबुनियाद बताते हुए कहा, "सुरक्षा बल उन इलाक़ों में नहीं जाते हैं." ट्रैक्टर पर सवार लोग बट्टिकलोआ शहर से 70 किलोमीटर दूर वडामुनई गाँव के बाज़ार में जा रहे थे. उस इलाक़े से होकर गुजर रहे अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस के चिकित्सकों के एक दल ने कुछ घायलों को अस्पताल तक पहुँचाने में सहायता की. बट्टिकलोआ के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस दक्षिणमूर्ति ने बीबीसी को बताया कि घायलों में से दो ने दम तोड़ दिया. एक अन्य की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में नौसैनिक अड्डे के बाहर धमाका06 जून, 2006 | भारत और पड़ोस आठ तमिल विद्रोही जेल से भाग निकले04 जून, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में कठिन है शांति की राह12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई के साथ आपात बैठक12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई का नौसैनिक बेड़े पर बड़ा हमला11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस जापानी दूत की विद्रोहियों से मुलाक़ात09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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