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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का विरोध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में मुख्य विपक्षी दल भाजपा के साथ साथ केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का विरोध करते हुए देश भर में प्रदर्शन शुरु कर दिया है. दूसरी ओर पेट्रोलिएम मंत्री मुरली देवड़ा ने साफ़ किया है कि मूल्य वृद्धि में कटौती की संभावना नहीं है. भाजपा बुधवार को देश भर में रास्ता रोको अभियान चलाया. भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की अगुआई करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाए जाने का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा. उन्होंने कहा, " बढ़ती मँहगाई के विरोध में भाजपा का आंदोलन आगे भी ज़ारी रहेगा. यूपीए सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई बार पेट्रोलिएम पदार्थों की कीमतें बढ़ाई हैं जो जनता के साथ धोख़ा है." राजनाथ सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ज़रूरी सामानों की कीमतें बढ़ने के विरोध में देश भर में आंदोलन तेज़ करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, " सरकार चाहती तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मूल्य वृद्धि की संभावना को देखते हुए पहले ही पर्याप्त भंडार जमा कर सकती थी जैसा की अमरीका ने किया है. उसके पास अगले छह वर्षों की ज़रूरत के लायक तेल भंडार है." उधर वामपंथी दलों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी और फॉरवार्ड ब्लॉक ने अपने सभी राज्य इकाइयों से विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित करने को कहा है. विरोध दिवस वामपंथी दलों और कई मज़दूर संघों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी वापस लेने की माँग के समर्थन में 13 जून को देशव्यापी विरोध दिवस घोषित किया है. उल्लेखनीय है कि सोमवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल की क़ीमत में चार रुपए प्रति लीटर और डीज़ल की क़ीमतों में दो रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया था. वामपंथी दलों ने पहले ही कह दिया था पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का वे विरोध करेंगे. कीमत बढ़ाने के बज़ाए वाम दल पेट्रोलिएम पदार्थों पर लागू सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क में कटौती करने की माँग करती रहे हैं. इस बीच पेट्रोलियम मंत्री ने साफ़ किया है कि मूल्य वृद्धि वापस लिए जाने की संभावना नहीं है. उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिल कर उन्हें कीमत बढ़ाए जाने पर जानकारी दी. पेट्रोलिएम सचिव एम श्रीनिवासन ने कहा कि मूल्य वृद्धि का फ़ैसला क़ाफ़ी सोच विचार के बाद लिया गया है, इसलिए इस निर्णय को वापस लेना संभव नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें पेट्रोल-डीज़ल महंगे, वामपंथी नाराज़05 जून, 2006 | कारोबार सरकार पर बढ़ोत्तरी वापस लेने का दबाव06 जून, 2006 | भारत और पड़ोस तेल मूल्य बढ़ाने पर आंदोलन की चेतावनी01 जून, 2006 | भारत और पड़ोस यूपीए पर वामपंथी दलों का दबाव बढ़ेगा11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस शराब नहीं, डीज़ल-पेट्रोल बनेगा महुआ से29 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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