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तेल मूल्य बढ़ाने पर आंदोलन की चेतावनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में केन्द्र सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों ने पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाए जाने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरु करने की चेतावनी दी है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात ने गुरुवार को वामपंथी दलों की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाने का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि वामपंथी दल यूपीए सरकार के कार्यकाल में पाँचवी बार पेट्रोलिएम पदार्थों के कीमतों में बढ़ोतरी स्वीकार नहीं करेंगे. करात ने मूल्य वृद्धि की सूरत में ग़ैरकांग्रेसी और ग़ैरभाजपाई दलों के साथ मिल कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी देते हुए कहा कि वामपंथी दल आम हड़ताल की भी घोषणा कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "ऐसा लग रहा है कि सरकार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ाने पर अमादा है. इसकी घोषणा जिस दिन होगी उसी दिन से देश भर में आंदोलन शुरु होगा." करात ने कहा कि वाम दल सरकार को कीमतें बढ़ाने के बज़ाए पेट्रोलिएम पदार्थों पर लागू मौज़ूदा कर ढाँचे में परिवर्तन करने की सलाह देते रहे हैं जिसमें उत्पाद और सीमा शुल्क में कटौती करना शामिल है. उन्होंने कहा, "अभी पूरे देश में और ख़ास कर उत्तर भारत में गेहूं, आंटा जैसे बुनियादी चीजों की कीमतें तेज़ी से बढ़ रही है. ऐसे में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से जनता बोझ तले दब जाएगी." लाभ के पद का विवाद चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के बाद वामपंथी दलों की इस पहली पूर्ण बैठक में राष्ट्रपति द्वारा लाभ के पद से संबंधित विधेयक को पुनर्विचार के लिए लौटाने के मामले पर भी चर्चा हुई. करात ने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र में इस पर चर्चा होगी जिसके बाद दोबारा इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. हालांकि इस मुद्दे पर भाजपा के रुख़ की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा " भाजपा ने मौका देख कर चुनाव आयोग से कथित तौर पर लाभ के पद पर आसीन सांसदों के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़ करने की मांग की और आयोग ने भी इस पर अमल करने का आश्वासन दे दिया जो ग़लत है." करात ने कहा कि वामपंथी दल नहीं चाहते हैं कि आयोग अनावश्यक विवादों में घेरे में आए. सरकार के कामकाज़ की समीक्षा करात ने कहा कि वामपंथी दलों ने यूपीए सरकार के दो वर्ष पूरा करने पर एक विस्तृत नोट तैयार करने का फ़ैसला किया है. उन्होंने कहा कि इसमें वामपंथी दलों और सरकार के बीच मतभेद के मुद्दों को उठाया जाएगा और इसे सरकार को सौंपा जाएगा. करात ने कहा कि इसके बाद यूपीए और वाम दलों की समन्वय समिति की बैठक होगी जिसमें हर पहलू पर चर्चा की जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें यूपीए पर वामपंथी दलों का दबाव बढ़ेगा11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'लाभ के पद' पर सहमति की कोशिश26 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिम बंगाल, केरल में वाम मोर्चा11 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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