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मेडिकल छात्रों की हड़ताल तीसरे दिन भी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आरक्षण पर सरकार के आश्वासन के बावजूद मेडिकल छात्रों ने तीसरे दिन भी अपनी हड़ताल जारी रखी है. दिल्ली के पाँच बड़े मेडिकल कॉलेजों और कुछ संबद्ध कॉलेजों के 100 छात्र भूख हड़ताल कर रहे हैं और किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है. कुछ निजी अस्पतालों ने भी इस हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की है. ये छात्र मेडिकल कॉलेजों सहित उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के प्रस्ताव को वापस लेने की माँग कर रहे हैं. सरकार की ओर से मंगलवार को लोकसभा में मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने दोहराया है कि सरकार आरक्षण देने का प्रस्ताव वापस नहीं ले सकती क्योंकि संविधान में संशोधन हो चुका है. लेकिन उन्होंने कहा है कि सरकार सभी पक्षों पर विचार करने को तैयार है. उल्लेखनीय है कि सोमवार को मंत्रिमंडल की डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद केंद्र सरकार ने कहा था कि वो जल्द ही एक ऐसी व्यवस्था की घोषणा करेगी जिससे समाज के सभी वर्गों को संतुष्ट किया जा सके. उधर सरकार की ओर से कोशिश की जा रही है कि स्वास्थ्य सेवाओँ को किसी तरह बहाल किया जा सके. लेकिन रविवार को इसका असर दिल्ली से बाहर दूसरे शहरों में दिखाई पड़ने लगा और दिल्ली में भी हालत अच्छी नहीं थी. | इससे जुड़ी ख़बरें मेडिकल छात्रों के आंदोलन की कैबिनेट में चर्चा15 मई, 2006 | भारत और पड़ोस डॉक्टरों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित15 मई, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार के डॉक्टर बेमुद्दत हड़ताल पर14 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस बिहार में डॉक्टरों की रैली16 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस सरकारी डॉक्टरों के दफ़्तरों पर छापे21 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस यूपी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त19 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण:दिल्ली में डॉक्टर हड़ताल पर12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस स्वास्थ्य सेवाएँ आंशिक रुप से प्रभावित14 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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