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सरकारी डॉक्टरों के दफ़्तरों पर छापे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई ने कई सरकारी डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों के दफ़्तरों और घरों पर छापे मारे हैं. सीबीआई ने बताया कि छापों के दौरान कई दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं. सीबीआई ने ये छापे दिल्ली, बंगलौर, गोवा और तिरुवनंतपुरम में 14 जगहों पर मारे. ये छापे चिकित्सिय उपकरणों की धाँधली के सिलसिले में मारे गए हैं. 'घटिया उपकरण' पूरा मामला सरकारी अस्पतालों में कथित तौर पर घटिया लैपरोस्कोपिक उपकरण ख़रदीने से जुड़ा हुआ है. लैपरोस्कोपिक उपकरणों का इस्तेमाल परिवार नियोजन ऑपरेशनों में किया जाता है. सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2001 में सात करोड़ रुपए के अनुबंध के सिलसिले में कथित अनियमितता के लिए मामला दायर किया गया है. माना जा रहा है कि कुछ सरकारी अधिकारियों ने लैपरोस्कोपिक उपकरणों की सप्लाई के लिए कथित तौर पर एक निजी कंपनी का पक्ष लिया. साथ ही ये भी माना जा रहा है कि इस कंपनी के पास कथित तौर पर उपकरण बनाने का पहले से कोई अनुभव नहीं था. सीबीआई के मुताबिक़ निजी कंपनी के बारे में एक ‘तकनीकी विशेषज्ञ की रिपोर्ट को दबाया गया’. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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