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बिहार में डॉक्टरों की रैली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में एक डॉक्टर की हत्या के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे डॉक्टर मंगलवार को एक बड़ी रैली निकाल रहे हैं. इस विरोध प्रदर्शन में बिहार के निजी और सरकारी अस्पतालों के क़रीब बीस हज़ार डॉक्टर हिस्सा ले रहे हैं. डॉक्टरों की माँग है कि हत्या करने वालों को गिरफ़्तार किया जाए और अपुहृत किए गए एक अन्य डॉक्टर को रिहाया कराया जाए. बिहार में पिछले चार साल में 35 डॉक्टरों का अपहरण किया गया और उनमें से पाँच की हत्या कर दी गई. अनिश्चितकालीन हड़ताल गत रविवार को शुरू हुई थी और जिससे तमाम चिकित्सा सेवाएँ ठप पड़ गई हैं. आपातकालीन सेवाओं का भी यही हाल है. संवाददाताओं का कहना है कि जो मरीज़ गंभीर हालत में अस्पतालों में पहुँचते हैं उन्हें बिना इलाज के ही लौटा दिया जा रहा है. डॉक्टरों के अखिल भारतीय दल 'इंडियन मेडिकल एसोसिएशन' ने चेतावनी दी है कि वह अपनी विरोध रैलियों का दायरा देश भर में बढ़ा देंगे और 25 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल करेंगे. एसोसिएशन के महासचिव डॉक्टर विनय अग्रवाल ने बीबीसी को बताया कि बिहार में डॉक्टरों के ख़िलाफ़ हिंसा इतनी बढ़ रही है कि अब कोई ठोस कार्रवाई करना ज़रूरी है, भले ही मरीज़ों पर कुछ भी असर हो. डॉक्टर विनय अग्रवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार डॉक्टरों के ख़िलाफ़ हिंसा के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ जानबूझ कर कार्रवाई नहीं कर रही है. पिछले साल भी डॉक्टरों ने अपने एक सहयोगी के अपहरण के विरोध में हड़ताल की थी तो दस मरीज़ों की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी. |
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