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दिल्ली में गहराया बिजली संकट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से बिजली की किल्लत को देखते हुए राज्य सरकार ने बिजली बचाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. दिल्ली के ऊर्जा मंत्री हारुन युसुफ ने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये जानकारी देते हुए बताया कि नए उपायों के तहत शाम के साढ़े छह बजे के बाद सरकारी दफ्तर एयरकंडीशनर का इस्तेमाल नहीं करेंगे. सरकार ने लोगों से अपील की है और सुझाव दिया है कि वो शाम को छह बजे से रात नौ बजे के बीच एयरकंडीशनर न चलाएं ताकि बिजली बचाई जा सके. दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से तापमान 40 डिग्री से अधिक रहा है और ऐसे में बिजली की ज़बर्दस्त किल्लत रही है. कुछ दिन कई कई घंटों तक बिजली नहीं रहने के कारण धरने प्रदर्शन भी हुए हैं. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया है और राज्य सरकार के साथ केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया है. कोर्ट का कहना है कि अगर राजधानी में बिजली की ऐसी दिक्कत है तो फिर 2010 में राष्ट्रकुल खेलों के आयोजन की बात किस आधार पर की जा रही है. राजधानी में बिजली की मांग और आपूर्ति में बड़ी खाई होने के कारण संकट पैदा हो रहा है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि भारी मात्रा में बिजली की चोरी एक बड़ा कारण है. अधिकारियों के अनुसार 35 प्रतिशत बिजली चोरी हो जाती है और ये चोरियां आम लोग कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें कितना गंभीर है भारत का बिजली संकट?22 मई, 2003 | भारत और पड़ोस दिग्विजय की घोषणाओं पर प्रश्नचिन्ह लगा24 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस लफंगों को लगेगा बिजली का झटका23 जून, 2004 | भारत और पड़ोस 'मुफ़्त बिजली की नीति समाप्त हो'28 मई, 2005 | भारत और पड़ोस हरियाणा ने करोड़ों के बिल माफ़ किए17 जून, 2005 | भारत और पड़ोस पंजाब में सभी किसानों को बिजली मुफ़्त07 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस खेतिहर मज़दूरों ने भी मुफ़्त बिजली माँगी04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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