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बुधवार, 23 जून, 2004 को 15:15 GMT तक के समाचार
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लफंगों को लगेगा बिजली का झटका

जैकेट
जैकेट में नौ वोल्ट की बैटरी और सेफ़्टी स्विच लगा है
महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ का एक करारा जवाब कोलकाता के फ़ैशन डिज़ाइनरों ने दिया है, सड़कछाप रोमियो को अपनी कारस्तानी की सज़ा हाथोंहाथ मिल सकती है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नॉलॉजी के छात्रों ने एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक जैकेट तैयार की है जो पहनने वाले को सुरक्षित रखती है और बाहर से हाथ लगाने वाले को बिजली का झटका लगता है.

बिल्कुल आम जैकेट की तरह दिखने वाले इस दिलचस्प लिबास का तानाबाना बिजली के तारों से बना है, दो तहों वाली इस जैकेट में बाहर की ओर निकले तारों से खूबसूरत कढ़ाई की गई है.

इस जैकेट में नौ वोल्ट की एक बैटरी लगी हुई है जिसके साथ ही एक सेफ़्टी बटन भी है जिसे ज़रूरत के समय ऑन किया जा सकता है.

किसी सामान्य जैकेट से थोड़ा भारी होने के बावजूद इसका प्रयोग आसानी से किया जा सकता है क्योंकि यह रोज़मर्रा पहने जाने वाले जैकेटों की ही तरह है.

सेफ़्टी बटन दबाने के बाद अगर किसी ने बाहर से जैकेट को छुआ तो उसे बिजली का ज़ोरदार झटका लगेगा, यह झटका इतना तगड़ा हो सकता है कि व्यक्ति बेहोश हो सकता है.

कारगर तरीक़ा

इसका जैकेट का डिज़ाइन फैशन टेक्नॉलॉजी के अंतिम वर्ष के दो छात्रों शिल्पी वैश्य और कुमार रोशन ने अपनी गाइड नुपूर आनंद के निर्देशन में तैयार किया है.

दोनों डिज़ाइनरों का कहना है कि वे एक ऐसी चीज़ बनाना चाहते थे जो समाज के लिए उपयोगी भी हो, उन्हें उम्मीद है कि इससे छेड़खानी में कमी आएगी.

 असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण कई स्थानों पर महिलाएँ अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं, ऐसी जगहों पर जैकेट उनके बहुत काम आ सकती
जैकेट की डिज़ाइनर शिल्पी

शिल्पी ने इस जैकेट के बारे में कहा, "असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण कई स्थानों पर महिलाएँ अपने आप को असुरक्षित महसूस करती हैं, ऐसी जगहों पर जैकेट उनके बहुत काम आ सकती है."

डिज़ाइनरों का मार्गदर्शन करने वाली नुपूर कहती हैं, "वैसे तो यह महिलाओं के लिए है लेकिन पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं."

इस जैकेट को बाज़ार में उतारने की तैयारियाँ चल रही हैं और इस सिलसिले में कई शहरों में शुरूआती सर्वेक्षण किए गए हैं जिनसे पता चलता है कि महिलाओं में इस तरह के जैकेट को लेकर काफ़ी उत्साह है.

डिज़ाइनरों का कहना है कि इसकी क़ीमत कम ही रखी जाएगी ताकि आम महिलाएँ इसका इस्तेमाल कर सकें, छेड़छाड़ करने वाले अगर अपनी हरकतों से बाज़ आ जाएँ तो यह वाक़ई बड़ी सफलता होगी.

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