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बाल से पकड़ा जाएगा शराबी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शराब पीने और ख़ास तौर पर शराब पीकर इसे क़बूल नहीं करने वाले लोगों के लिए नई चेतावनी! अब बाल से न केवल पिछले कुछ दिनों बल्कि पिछले कई हफ़्तों और पिछले कई महीनों तक का शराब पीने का लेखा-जोखा सामने आ सकता है. अल्कोहल तो शरीर से कुछ ही घंटों में उड़ जाता है मगर शराब पीने पर कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में रह जाते हैं. शोध विज्ञान पत्रिका न्यू साइंटिस्ट के अनुसार अभी तो ऐसे टेस्ट हैं जिनसे पता चल जाता है कि किसी ने शराब पी है मगर उनके लिए सीधे-सीधे नहीं बल्कि परोक्ष प्रमाणों के आधार पर जाँच होती है. मगर इन उपायों में नतीजों पर दूसरे कारणों जैसे गर्भ आदि के कारण प्रभाव पड़ जाता है. लेकिन नया तरीक़ा बेहतर है क्योंकि इसमें फैटी एसिड इथाइल इस्टर्स नाम के रसायनों को खोजा जाता है जो शराब पीने के बाद शरीर में बनते हैं. ये रसायन वैसे तो ख़ून में 12 से 18 घंटे तक रहते हैं मगर बाद में ये बाल में जमा हो जाते हैं. इस शोध में शामिल स्विट्ज़रलैंड स्थित बासेल विश्वविद्यालय के डॉक्टर फ़्रेडरिक वुर्स्ट कहते हैं,"सबूत मिटाने का एकमात्र तरीक़ा ये है कि आप बदन से एक-एक बाल हटा दें". इसके अलावा मूत्र में भी ये रसायन पाँच दिन तक रहता है. लाभ शोधकर्ताओं का कहना है कि नए जाँच से किसी व्यक्ति की नशाखोरी की पूरी आदत का पता चल सकता है. इनसे ये भी पता चल सकता है कि अंतिम बार कब शराब पी गई थी और फ़लां व्यक्ति कभी-कभार पीने वाला है या पक्का शराबी. इस तरीक़े का अब कई तरह से इस्तेमाल हो सकता है. मसलन, एयरलाइन कंपनियाँ पायलटों के बाल से ये पता लगा सकती हैं कि वह नशा करते हैं कि नहीं. और किसी दुर्घटना होने के घंटों बाद भी पुलिस ये पता लगा सकती है कि दुर्घटना के समय चालक ने शराब पी रखी थी या नहीं. |
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