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मंगलवार, 04 अप्रैल, 2006 को 17:50 GMT तक के समाचार
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खेतिहर मज़दूरों ने भी मुफ़्त बिजली माँगी
किसान
खेतीहर मज़दूरों का कहना है कि अगले चुनाव में कांग्रेस का विरोध करेंगे
पंजाब के खेतिहर मज़दूरों ने राजधानी चंडीगढ़ में एक रैली की है और पंजाब सरकार पर उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है.

उनका कहना है कि जहाँ पंजाब में किसानों को मुफ़्त बिजली दी जा रही है, वहीं जमीन पर खेती करने वाले मज़दूरों को बिजली के लिए पैसे देने पड़ते हैं.

महत्वपूर्ण है कि पंजाब में कांग्रेस सरकार ने सितंबर 2005 में कृषि क्षेत्र के लिए मुफ़्त बिजली देने की घोषणा की थी.

इससे पहले वर्ष 2002 तक पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार कृषि क्षेत्र को मुफ़्त बिजली देती थी लेकिन वर्ष 2002 में हुए चुनावों के बाद ये सुविधा बंद कर दी गई थी.

अनेक पर्यवेक्षक मानते हैं कि ये सुविधाएँ पंजाब में चुनावों को ध्यान में रखते हुए दी जाती हैं.

अब खेतिहर मज़दूर चाहते हैं कि उनसे भी किए गए ऐसे ही वादे पूरे किए जाएँ.

लेकिन प्रदर्शनकारियों के प्रवक्ता तरसेम पीटर का कहना था कि सरकार की हर ग़रीब घर को 200 यूनिट मुफ़्त बिजली देने की पेशकश अपर्याप्त है.

खेतिहर मज़दूरों, दलितों और ग़रीब ईसाइयों का प्रतिनिधित्व कर रहे पीटर का कहना था कि ये वर्ग अगले साल होने वाले चुनावों में कांग्रेस का विरोध करेंगे.

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