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बिजली और सड़क के लिए नए वादे
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने माना है कि उनके 10 साल के शासन में दो कमजोरियां रह गई हैं, वे हैं- बिजली और सड़क. मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि एक दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी, अगले पांच सालों में साक्षर, स्वस्थ और सम्पन्न मध्यप्रदेश का वादा लेकर मतदाताओं के सामने वोट मांगने जाएगी. कांग्रेस ने घोषणा पत्र में वादा किया है कि हर 500 आबादी वाले गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा और सन् 2007 तक बिजली उत्पादन में राज्य आत्मनिर्भर बन जाएगा. अनुसूचित जाति और जनजाति के 2 हेक्टेयर तक के ज़मीन वाले किसानों को पाँच हार्स पावर तक के कृषि पम्पों के लिए मुफ़्त बिजली दी जाएगी. पहले राज्य के सभी किसानों को पाँच हॉर्स पॉवर तक की बिजली मुफ़्त दी जाती थी लेकिन अब इसे सिर्फ अनुसूचित जनजाति के किसानों तक सीमित कर दिया गया है. इसी तरह एक बत्ती कनेक्शन में हर माह 30 यूनिट बिजली मुफ़्त देने की बात कही है. घोषणा पत्र में कहा है कि हर ग़रीब परिवार के एक बेरोजगार व्यक्ति को वर्ष में 120 दिन रोजगार देने की गारंटी दी जाएगी और योजना का क्रियान्वयन क़ानून बनाकर किया जाएगा. सड़क और बिजली का नया वादा घोषणा पत्र में मध्यप्रदेश की दुखती रग यानी सड़क और बिजली के बारे में नए वादे किए गए हैं. वादा है कि अगले पाँच साल में 24 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़क का निर्माण किया जाएगा और हर साल 2 हजार किलोमीटर राजकीय मार्ग (स्टेट हाईवे) बनाया जाएगा. घोषणा पत्र में कहा गया है कि बिजली के क्षेत्र में सन् 2007 तक 3 हजार मेगावाट बिजली पैदा कर प्रदेश को आत्म निर्भर बनाया जाएगा. इसी तरह बीमार उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए एक पैकेज देने की बात कही है. इंदौर में साफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क बनाने का भी वादा किया गया है. |
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