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महमूद अब्बास ने वीटो का प्रयोग किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ वीटो अधिकार का प्रयोग किया है. हमास सरकार ने आंतरिक सुरक्षा मामलों के मंत्रालय में एक उच्च पद के लिए एक मुख्य चरमपंथी नेता का नामांकन किया था. महमूद अब्बास ने इसी फ़ैसले के विरुद्ध वीटो अधिकार का इस्तेमाल किया. चरमपंथी नेता का नाम जमाल अबू समहादाना है. जमाल अबू समहादाना चरमपंथी गुट पापुलर रिज़िसटेंस कमिटिज़ के नेता हैं. इस गुट पर इसराइल पर कई बार हमले करने का आरोप लगता रहा है. इसराइल ने भी चरमपंथी नेता के नामांकन की आलोचना की है. इसराइल के आवास मंत्री ज़ीव बोइम ने इसराइली रेडियो पर कहा कि जमाल अबू का उच्च पद पर नामांकन किया जाना नए फ़लस्तीनी प्राधिकरण के चरमपंथी तेवर दर्शाता है. सुरक्षाबल का गठन महमूद अब्बास ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए हमास सरकार के उस फ़ैसले को भी रोक दिया है जिसके तहत सरकार नए सुरक्षाबल का गठन कर रही थी. इस सुरक्षाबल में चरमपंथियों को शामिल किया जाना था. महमूद अब्बास के वरिष्ठ सहयोगी ताएब अब्दुल रहीम ने कहा, " महमूद अब्बास मानते हैं कि नए सुरक्षाबल के गठन का फ़ैसला अवैध और असंवैधानिक है और उन्होंने इस बारे में इसमाइल हानिया को पत्र भी भेजा है." इस बीच महमूद अब्बास ने आगाह किया है कि अगर पश्चिमी देशों ने | इससे जुड़ी ख़बरें फ़लस्तीनियों की स्थिति पर चेतावनी19 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'इसराइल सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा'18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना इसराइल ने हमास को ज़िम्मेदार ठहराया18 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री के कड़े तेवर14 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'फ़लस्तीनी सरकार आर्थिक संकट में'06 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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