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नेपाल में गोलीबारी में एक और की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में राजा ज्ञानेंद के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में एक और व्यक्ति की मौत हो गई है. इस तरह पाँचवाँ व्यक्ति सुरक्षाबलों का निशाना बन गया है. दूसरी ओर राजा ज्ञानेंद्र के सत्ता अपने हाथ में लेने के विरोध में विपक्षी दलों की हड़ताल 12 वें दिन भी जारी रही. नेपाल के सूचना मंत्री शमशेर राणा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि हड़ताल और प्रदर्शनों को देखते हुए देश में इमरजेंसी लगाई जा सकती है. इधर नेपाल में खाद्य सामग्री की कमी हो गई है और सेना को राजधानी काठमांडू में आपूर्ति की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. विपक्ष ने स्कूल, कॉलेजों, दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान कर रखा है. पूरे देश में हड़ताल के साथ साथ राजसत्ता विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं जिसमें हज़ारों की संख्या में आम लोग भी हिस्सा ले रहे हैं. इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था भी ठप पड़ी हुई है जिसके कारण खाद्य पदार्थों की आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है. पूर्वी नेपाल से आ रही ख़बरों में कहा गया है कि वहां चावल नहीं मिल रहे हैं क्योंकि मिलें बंद हैं और लोग अधिक ख़रीदारी कर रहे हैं. राजधानी काठमांडू में कुछ पेट्रोल पंप खुले हैं जिनके सामने लंबी क़तारों में लोग खड़े देखे जा सकते हैं. खाद्य पदार्थों की आपूर्ति करने वाले ट्रक भी रास्तों में फंसे पड़े हैं जिसके कारण चावल और सब्ज़ियों की क़ीमत में बेतहाशा वृद्धि हो गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में खाद्य पदार्थों की कमी17 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस काठमांडू में कर्फ़्यू, मोबाइल फ़ोन बंद08 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में विरोध प्रदर्शनों के दौरान झड़पें07 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में हिंसा, दस की मौत06 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सरकार ने 'संघर्षविराम' को ख़ारिज किया04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'माओवादियों का सशस्त्र अभियान बंद'03 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस माधव के घर पर छापे की आलोचना23 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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