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संघर्ष में 41 ' तालेबान लड़ाके' मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़गानिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में अफ़गान सुरक्षाबलों के साथ हुए संघर्ष में कम से कम 41 संदिग्ध तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. कंधार प्रांत के गवर्नर असदुल्लाह खालिद ने बताया कि इस संघर्ष में अफ़गान सुरक्षा बलों के छह जवान भी मारे गए हैं. अभियान में अमरीकी सैनिक भी अफ़गान सुरक्षाबलों की मदद कर रहे थे. असदुल्लाह खालिद ने बताया कि सांगीसर में हवाई हमला किया गया था जहां लड़ाकों के छुपे होने की ख़बर थी. सांगीसर कंधार शहर से चालीस किलोमीटर दूर है. सैनिक अभियान कंधार के गवर्नर ने बताया कि तालेबान और पुलिस के बीच ये संघर्ष तब शुरू हुआ जब पुलिस ने कुछ संदिग्ध तालेबान लड़ाकों को घेर लिया. उन्होंने एक पत्रकार वार्ता में बताया, "ख़ुफ़िया सूचना मिली थी कि तालेबान लड़ाके सांगीसर इलाक़ में इकट्ठा हुए हैं जिसके बाद हमने हमले की योजना बनाई." खबरों के मुताबिक हमले में विदेशी सैनिक हताहत नहीं हुए हैं. सांगीसर तालेबान नेता मुल्ला मोहम्मद उमर का गढ़ रह चुका है. अफ़गानिस्तान के अन्य इलाक़ों में अमरीकी सेना की कार्रवाई में दो तालेबान लड़ाकों के मारे जाने की ख़बर है. बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ग़ान और गठबंधन सेना ने संदिग्ध विद्रोहियों के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान शुरू किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें ख़त्म नहीं हुआ है तालेबान09 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना अफ़ग़ान महिलाओं का कार चलाना08 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना 'हमले में अफ़ग़ान नागरिक मारे गए'03 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान में चार क़ैदी फ़रार11 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती हमला05 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'नैटो को तालेबान से निपटना होगा'18 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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