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'हमले में अफ़ग़ान नागरिक मारे गए' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि शुक्रवार को पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में संदिग्ध तालेबान छापामारों के अड्डे पर किए गए हमले में शायद कुछ आम लोग मारे गए हैं. अमरीकी वायुसेना ने कुनार प्रांत में उस इलाक़े में हवाई हमले किए थे जहाँ कुछ अमरीकी सैनिक लापता हो गए हैं. अमरीकी वायुसेना के सूत्रों का कहना है कि जिस रिहाईशी इलाक़े पर हमला किया गया वहाँ कुछ चरमपंथी थे लेकिन वहाँ कुछ निर्दोष नागरिक भी हो सकते हैं. एक अफ़ग़ान अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि कुनार प्रांत में मंगलम घाटी में अमरीकी विमानों ने फिर हमले किए हैं. एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि इस इलाक़े में अफ़ग़ान सैनिकों को संघर्ष में भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी और पूर्वी इलाक़े में पिछले तीन महीनों में संघर्ष में 500 से अधिक लोगों के मारे जाने का अनुमान है. अफ़गानिस्तान में सितंबर में संसदीय चुनाव होने हैं जिनसे पहले वहाँ हिंसा बढ़ रही है सैनिक कार्रवाई एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने शुक्रवार के हमले के बारे में बीबीसी को बताया था कि अफ़ग़ानिस्तान के कुनार प्रांत में चेचल नाम के गाँव पर हुए दो हवाई हमलों में 25 लोग मारे गए हैं. वहीं अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल जेरी ओ हारा ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि हमले का निशाना "शत्रुओं का एक परिसर" था. प्रवक्ता ने हमले का कोई ब्यौरा तो नहीं दिया लेकिन इतना बताया कि हमला ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर किया गया था. अफ़ग़ानिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बीबीसी को हमले का ब्यौरा देते हुए बताया कि चेचल गाँव पर दो बार हमले हुए. अधिकारी ने बताया कि पहले हमले के बाद गाँववाले हताहतों को देखने गए हुए थे जब दूसरी बार हमला किया गया. लापता सैनिक अमरीकी वायुसेना ने ये हमले ऐसे समय किए हैं जब अमरीकी विशेष सेना के एक गश्ती दल की ज़ोर-शोर से तलाश चल रही है. पिछले मंगलवार से ही इस गश्ती दल का कोई पता नहीं चल पा रहा है. मंगलवार को इस गश्ती दल को लाने के लिए एक हेलीकॉप्टर भेजा गया था मगर उसे मार गिराया गया जिसमें उसपर सवार सभी 16 अमरीकी सैनिक मारे गए थे. गश्ती दल की तलाश कर रही अमरीकी सेना का कहना है कि ख़राब मौसम के कारण उन्हें गश्ती दल को खोजने में परेशानी आ रही है. |
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