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'पुलिस कार्रवाई के साथ विकास भी हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नक्सलवाद को आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसके लिए नक्सल प्रभावित राज्यों की एक संयुक्त कमान बनाने का सुझाव दिया है. उन्होंने प्रभावी पुलिस कार्रवाई के अलावा नक्सल प्रभावित इलाक़ों के सामाजिक आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया. नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की गुरुवार को दिन भर चली बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभावी पुलिस कार्रवाई का अर्थ क्रूर हो जाना नहीं होना चाहिए. राज्यों से संयुक्त कमान बनाने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति भी बनानी चाहिए. उन्होंने राज्यों को सक्षम पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में नक्सलियों से निपटने के लिए अलग कार्यबल बनाने का भी सुझाव दिया. प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे ग़रीबी दूर करने की योजनाएँ प्रभावी ढंग से लागू करें और ग्रामीण विकास की ऐसी शुरुआत करें जिससे रोज़गार के अवसर पैदा हों. उन्होंने ग़रीबों को ज़मीन मुहैया करवाने की भी बात कही. प्रधानमंत्री ने नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से गुरुवार की सुबह अपने निवास में भी मुलाक़ात की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें नक्सलियों ने रेलवे स्टेशन उड़ाया09 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस उड़ीसा, बिहार में विद्रोहियों की कार्रवाई09 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस आंध्र में माओवादियों से 53 लाख बरामद04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में जेल पर भारी नक्सली हमला24 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले पर संसद में हंगामा01 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली अभियान के ख़िलाफ़ शिकायतें17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार-झारखंड में नक्सलियों के हमले26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दोतरफ़ा कार्रवाई की ज़रूरत :कौशल20 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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