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उड़ीसा, बिहार में विद्रोहियों की कार्रवाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा के सांबालपुर ज़िले में लगभग 50 माओवादी विद्रोहियों ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के अड्डे पर धावा बोलकर दो मज़दूरों को बंधक बना लिया है. देर रात हुई एक अन्य घटना में बिहार में एक छोटे रेलवे स्टेशन बंसीनाला को नक्सलवादियों ने बम विस्फोट से उड़ा दिया. बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार इस विस्फोट से गया-कोडरमा रेल लाइन को भी थोड़ी क्षति पहुँची है. उड़ीसा में खोज अभियान स्थानीय संवाददाता संदीप साहू के अनुसार ये विद्रोही शनिवार देर रात बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के अड्डे में घुस गए और वहाँ सो रहे बीस मज़दूरों से साथ चलने के लिए कहा. उन्हें जंगल के रास्ते में छह किलोमीटर पैदल चलाने के बाद माओवादियों ने 18 लोगों को तो छोड़ दिया लेकिन दो मज़दूरों को साथ ले गए. ज़िले के पुलिस अधिकारी एस देबदत्ता सिंह का कहना है कि इन मज़दूरों की खोज़ के लिए एक बड़ा अभियान शुरु किया गया है.
माना जा रहा है कि इन लोगों को फ़िरौती के लिए बंधक बनाया गया है. महत्वपूर्ण है कि राज्य में बढ़ रही माओवादी गतिविधियों का आभास हाल की एक घटना से लगाया जा सकता है जब दो सरकारी अधिकारियों को 12 दिन बंधक बनाए रखने के बाद रिहा किया गया था. मगध में बंद उधर बिहार में बंसीनाला रेलवे स्टेशन पर हुए धमाके से पहले मक्सलवादियों ने स्टेशन पर तैनात चार रेलवे कर्मचारियों को बंधक बना लिया था. लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया. नक्सलियों ने ये विस्फोट मगध क्षेत्र में बुलाए गए बंद के दौरान किया है. इसे देखते हुए पाँच ज़िलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. बिहार में अपने कुछ साथियों की गिरफ़्तारी के विरोध में नक्सलियों ने ये बंद बुलाया है. पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एके चंद्रा ने बीबीसी के पटना संवाददाता मणिकांत ठाकुर को बताया कि नक्सलियों के बंद को देखते हुए कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. उन्होंने बताया कि ये परिवर्तन शनिवार की रात 12 बजे से लेकर रविवार की रात 12 बजे तक के लिए है. जिन ट्रेनों पर इसका असर पड़ा है वो मुगलसराय-गया और पटना-गया मार्ग पर चलती हैं. शनिवार को चार ट्रेनें रद्द की गई थीं जबकि रविवार के लिए सात ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है. जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है उनमें धनबाद-गया इंटरसिटी एक्सप्रेस, बनारस-आसनसोल पैसेंजर और पटना-गया-पटना ईएमयू प्रमुख हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें आंध्र में माओवादियों से 53 लाख बरामद04 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली हिंसा कम होने का दावा31 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में 25 से अधिक की मौत28 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली अभियान के ख़िलाफ़ शिकायतें17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार-झारखंड में नक्सलियों के हमले26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दोतरफ़ा कार्रवाई की ज़रूरत :कौशल20 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस जेल पर माओवादी हमला, पाँच की मौत14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस माओवादियों का हमला, क़ैदियों को छुड़ाया13 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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