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गुरुवार, 26 जनवरी, 2006 को 04:15 GMT तक के समाचार
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बिहार-झारखंड में नक्सलियों के हमले
नक्सली
नक्सलियों ने काफ़ी दिनों पहले से बंद का आव्हान किया था
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद गणतंत्र दिवस समारोह के कुछ घंटों पहले बिहार और झारंखंड में नक्सलियों ने कई जगह रेल पटरियाँ और पुल उड़ा दिए हैं.

ख़बरें हैं कि नक्सलियों ने कुछ पुलिस थानों पर हमले करके हथियार भी लूटे हैं.

पुलिस का कहना है कि इन वारदातों की वजह से कम से कम 15 लंबी दूरी की ट्रेनों को रोकना पड़ा है.

पटना और राँची से बीबीसी संवाददाताओं ने ख़बर दी है कि हमले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सदस्यों ने किए हैं और इनका उद्देश्य गणतंत्र दिवस के विरोध में आयोजित भारत बंद की ओर ध्यान आकृष्ट करना था.

यातायात ठप्प

बिहार में माओवादियों ने गया ज़िले के पराइया और गरारू में पटरियाँ उड़ा दीं और औरंगाबाद में देवरोड स्टेशन में बम विस्फोट किए.

इन घटनाओं से गया मुग़लसराय स्टेशनों के बीच यातायात ठप्प हो गया. हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस और कालका मेल सहित कोई पंद्रह लंबी दूरी की ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा है.

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गया और अनुग्रहनारायण स्टेशनों पर तो यातायात एकदम रोक देना पड़ा है.

 माओवादी गणतंत्र दिवस का विरोध तो हर बार करते थे लेकिन उन्होंने झारखंड और बिहार में बंद का आव्हान पहली बार किया है
राजीव कुमार, आईजी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार चालीस से अधिक माओवादियों ने बुधवार की रात साढ़े नौ बजे देवरोड स्टेशन पर पहुँचे और वहाँ रेलवे कर्मचारियों को घेर कर बम विस्फोट किया.

बाद में कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया.

इससे पहले माओवादियों ने बांका ज़िले के पुलिस स्टेशन पर हमला कर हथियार लूट लिए. गोलीबारी में एक हवलदार गंभीर रुप से घायल हुआ है.

उधर झारखंड में माओवादियों ने पहले राज्य की राजधानी राँची के पास बम विस्फोट किया फिर गौतमधारा के पास रेल पटरियाँ उड़ा दीं.

इसके बाद माओवादियों ने एक के बाद एक कई जगह विस्फोट किए.

उन्होंने हरिहरगंज पुलिस स्टेशन पर भी गोलीबारी की है.

पुलिस महानिरीक्षक राजीव कुमार ने बीबीसी से कहा, "माओवादी गणतंत्र दिवस का विरोध तो हर बार करते थे लेकिन उन्होंने झारखंड और बिहार में बंद का आव्हान पहली बार किया है."

पुलिस अधिकारी के अनुसार माओवादी अपने साथ माओवादी पिछले कुछ दिनों से गाँव-गाँव में जाकर बंद के समर्थन में पोस्टर और पर्चे बाँट रहे थे.

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