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नक्सली हमले पर संसद में हंगामा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ में मंगलवार को हुए नक्सली हमले को लेकर संसद के दोनों सदनों में चिंता जताई गई और नक्सलियों से निपटने के लिए और केंद्रीय बलों की मांग की गई. सदस्यों की चिंता से सहमति जताते हुए केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि केंद्र सरकार नक्सली प्रभावित राज्यों के संपर्क में है और जो भी अतिरिक्त सहायता की ज़रुरत उन्हें होगी, उपलब्ध करवाई जाएगी. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने बारुदी सुरंग से एक ट्रक को उड़ा दिया था और इससे कम से कम 25 आदिवासियों की मौत हो गई थी और 40 घायल हो गए थे. ग़ैरसरकारी सूत्र मृतकों की संख्या बहुत अधिक बता रहे हैं. बुधवार को लोकसभा में यह मामला छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने उठाया और राज्य की भाजपा सरकार को भंग करने की माँग की. उनकी इस मांग पर विपक्ष ने हंगामा किया और अचानक इस पर एक संक्षिप्त चर्चा हो गई. गृहमंत्री शिवराज सिंह पाटिल ने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में क़ानून व्यवस्था के किसी भी मसले पर दखलंदाज़ी नहीं करेगी लेकिन नक्सली समस्या से निपटने के लिए जो भी सहायता की ज़रुरत होगी, राज्य को उपलब्ध करवाई जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र की ओर से 26 बटालियनें उपलब्ध करवाई गई हैं जो राज्य सरकार के तहत काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि 26000 सुरक्षाकर्मी किसी छोटे राज्य की सेना के बराबर होते हैं और राज्य को योजना बनाकर इनका उपयोग करना चाहिए. राज्यसभा में कांग्रेस सदस्यों ने राज्य सरकार पर नक्सली मामले पर लापरवाही का आरोप लगाया तो भाजपा सदस्यों के साथ उनकी तीखी नोंकझोंक हुई. राष्ट्रपति की चिंता उधर राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने भी छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली में मरने वालों के प्रति शोक जताते हुए नक्सली समस्या पर चिंता जताई है. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह को भेजे गए संदेश में कहा है कि मृतकों के परिवार के प्रति उनकी संवेदना पहुँचा दी जाए. उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार हताहतों को राहत पहुँचाने के लिए सभी आवश्यक क़दम उठा रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें नक्सली हमले में 25 से अधिक की मौत28 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली पहुँचे विधायकों के दरवाज़े22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सली अभियान के ख़िलाफ़ शिकायतें17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार-झारखंड में नक्सलियों के हमले26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नाज़ुक कंधों पर बंदूकों का बोझ14 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'नक्सलवाद के पीछे व्यवस्था की विफलता'23 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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