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नक्सली पहुँचे विधायकों के दरवाज़े | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ के अधिकांश विधायकों को उनके सरकारी विश्रामगृह में नक्सलियों ने अपनी प्रचार सामग्री सौंपी है. इस घटना ने राज्य में सनसनी फैला दी है. नक्सलियों ने सोमवार की शाम राजधानी रायपुर के सरकारी विश्रामगृह में एक-एक विधायक का दरवाजा खटखटाया और कुछ प्रचार पुस्तिकाएं, सीडी और पर्चे थमाकर चलते बने. इस घटना से राजधानी में नक्सलियों की उपस्थिति ज़ाहिर हुई है और अब सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है. राज्य में एक के बाद एक लगातार हो रहे नक्सली हमलों से सरकार की नींद पहले ही उड़ी हुई है. पिछले एक पखवाड़े में ही नक्सलियों ने 21 पुलिसकर्मियों समेत 38 लोगों की हत्या कर दी है और दर्जनों अत्याधुनिक हथियार समेत एक सरकारी उपक्रम से 19 टन बारुद लूट लिया है. नक्सलियों का मुकाबला करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल, नगा बटालियन, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड और विशेष कमांडो ने एक साथ मिलकर पिछले पांच दिनों से राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष अभियान चला रखा है. ऐसे में राजधानी रायपुर के विशेष सुरक्षा घेरे वाले विधायक विश्रामगृह में नक्सलियों की पहुंच ने सरकार की परेशानी और बढ़ा दी है. विधानसभा में राज़ खुला मज़ेदार बात यह है कि नक्सलियों की प्रचार सामग्री पाने के बाद सत्ता पक्ष या विपक्ष के किसी भी विधायक ने इस बारे में पुलिस को जानकारी नहीं दी और ना ही किसी और से ज़िक्र किया. अगले दिन मंगलवार को जब विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उप नेता भूपेश बघेल ने यह मामला उठाया तब कई विधायकों ने विधानसभा में बताया कि उन्हें भी नक्सलियों ने सीडी और प्रचार पुस्तिका दी है.
भाजपा के एक विधायक ने कहा, “नक्सलियों ने जो सीडी बनाई है वह नक्सलियों के ख़िलाफ़ बस्तर में चलाए जा रहे सलवा जुड़ूम अभियान के विरोध में बनाई गई है और इसमें पुलिस द्वारा बस्तर के आदिवासियों पर किए जा रहे कथित अत्याचार को दिखाया गया है.” कई विधायकों ने विधानसभा में सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति छिन्न-भिन्न हो गई है और सरकार विधायकों की सुरक्षा में भी असफल साबित हुई है. इस घटना के बाद राज्य के गृहमंत्री रामविचार नेताम ने राजधानी रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था को और चुस्त करने के निर्देश दे दिए हैं. गृहमंत्री रामविचार नेताम के अनुसार- “ पूरा मामला बेहद चिंताजनक है. नक्सली अगर राजधानी के वीआईपी इलाके में विधायकों के घर घुस कर अपनी प्रचार सामग्री बांट रहे हैं, तो यह एक ख़तरनाक संकेत है. हम इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.” | इससे जुड़ी ख़बरें नक्सली अभियान के ख़िलाफ़ शिकायतें17 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़वाहों से बंद हो जाते हैं शहर16 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार-झारखंड में नक्सलियों के हमले26 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस दोतरफ़ा कार्रवाई की ज़रूरत :कौशल20 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'नक्सलवाद के पीछे व्यवस्था की विफलता'23 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस नक्सली हिंसा रोकने के लिए अहम बैठक19 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस नक्सलियों को चुनाव लड़ने की चुनौती21 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस बस्तर के जंगलों में नक्सलियों से साथ कुछ दिन22 जून, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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