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महाराष्ट्र में डांस बारों पर लगी पाबंदी हटी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई हाई कोर्ट ने डांस बारों पर लगे प्रतिबंध को ग़लत करार देते हुए इस प्रतिबंध को हटाने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के इस फ़ैसले को भेदभावपूर्ण बताया हैं और कहा है कि इससे समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता हैं. राज्य सरकार को इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया गया हैं. फ़ैसले में कहा गया हैं कि इस आदेश के बाद बार मालिक नए लाइसेंस के लिए फिर से आवेदन कर सकते हैं. हाई कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद डांस बार में नाचने वाली महिलाओं और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत मिली हैं. झटका फ़ैसले से राज्य सरकार को एक करारा झटका लगा हैं क्योंकि राज्य सरकार ने डांस बारों को बंद करने का आदेश जारी करते हुए यह दलील रखी थी कि इन बारों की वजह से अपराध और वेश्यावृत्ति को बढ़ावा मिलता हैं. पिछले वर्ष ही महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में चल रहे तमाम डांस बारों को बंद करने का आदेश जारी किया था. इसके बाद से राज्य भर में डांस बार बंद हो गए थे. हालांकि राज्य सरकार का यह प्रतिबंध केवल डांस बारों पर ही लागू था. बड़े पाँच सितारा होटलों में चलने वाले बार इसके दायरे से बाहर थे. राज्य भर में चल रहे क़रीब 14 सौ बार और इनमें काम करने वाली एक लाख महिलाएँ इस फ़ैसले से प्रभावित हुई थीं. इनमें से आधे से अधिक महिलाएँ राज्य सरकार के इस आदेश के लागू होने के बाद बेरोज़गार हो गई थीं जबकि कई महिलाओं को अपने गुज़ारे के लिए वेश्यावृत्ति अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'बार गर्ल्स' ने गोवा का रूख़ किया24 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हक़ के लिए बार बालाएँ कोलकाता पहुँचीं02 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस डांस बारों पर छापा: 200 गिरफ़्तार25 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस डांस बार प्रतिबंध का मामला अदालत में17 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस डांस बार पर प्रतिबंध संबंधी क़ानून जल्द22 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस परेशान हैं मुंबई की 'बार-गर्ल्स'19 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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