|
डांस बार प्रतिबंध का मामला अदालत में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र में डांस बार बंद करने के राज्य सरकार के फ़ैसले के ख़िलाफ़ बंबई हाईकोर्ट ने दो जनहित याचिकाएँ सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली हैं. हाईकोर्ट ने याचिकाएँ स्वीकार करते हुए महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है और याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे विस्तार से बताएँ कि इस प्रतिबंध से जनहित किस तरह प्रभावित होगा. उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने 14 अगस्त को वह क़ानून लागू कर दिया था जिसके तहत 15 अगस्त से राज्य भर में डांस बार बंद हो गए हैं. डांस बार के बंद होने से इसमें काम करने वाली लड़कियों सहित हज़ारों लोग के सामने रोज़गार का संकट पैदा हो गया है. सिर्फ़ मुंबई में ही पाँच सौ से अधिक बियर बार में लगभग साठ हज़ार लड़कियाँ हिंदी फ़िल्मी गानों पर थिरकती थीं. पूरे महाराष्ट्र में 1250 बियर बार हैं. याचिकाएँ जो दो याचिकाएँ सुनवाई के लिए स्वीकार की गई हैं उनमें से एक मनजीत सिंह सेठी ने दायर की है. वे एसोसिएशन ऑफ़ होटल एंड रेस्टॉरेंट के अध्यक्ष हैं. जबकि दूसरी याचिका एक होटल के मालिक मनजीत सिंह ने दायर की है. मुख्य न्यायाधीश डीसी भंडारी और न्यायमूर्ति एसजे वजीफ़दार के दो सदस्यीय पीठ ने इन याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है. इन याचिकाओं में बंबई पुलिस विधेयक 2005 को चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब देने के लिए चार हफ़्तों का समय दिया है. मामले की सुनवाई तीन अक्तूबर को होगी. महाराष्ट्र सरकार के डांस बार बंद करने के निर्णय को लेकर काफ़ी विवाद रहा है, सरकार का कहना है कि बारों की वजह से अपराध बढ़ रहे हैं. सरकार ने गत मार्च में बियर बार बंद करने का फ़ैसला किया था और इसका डांस बार मालिकों और यहाँ काम करने वाली लड़कियों ने जमकर विरोध किया था. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||