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शुक्रवार, 24 मार्च, 2006 को 01:06 GMT तक के समाचार
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पाक ने नई पेशकश का स्वागत किया
वाघा सीमा
सिखों के दो तीर्थस्थलों अमृतसर-ननकाना साहिब को जोड़ा गया है
पाकिस्तान ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान का स्वागत किया है और कहा है कि इसमें कई सकारात्मक पहलू दिखाई देते हैं.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने बीबीसी हिंदी से एक विशेष बातचीत में कहा है कि उनके बयान में इस बात की झलक मिलती है कि वे कश्मीर समस्या को सुलझाने की ज़रूरत को स्वीकार करते हैं.

पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश हमेशा से संबंधों को बेहतर बनाने का पक्षधर रहा है, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सियाचिन और सर क्रीक जैसे मसलों के हल के लिए आगे बढ़ने को तैयार है.

तसनीम असलम ने कहा, "अगर कश्मीर समस्या का हल हो जाए तो दोनों देश मिलकर ग़रीबी, अशिक्षा और बीमारियों से जूझ सकते हैं."

पाकिस्तानी प्रवक्ता ने एक बार फिर ज़ोर दिया कि कश्मीर समस्या को हल किए बिना दोनों देशों के आगे बढ़ना मुश्किल है.

भारतीय पक्ष

इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमृतसर और पाकिस्तान के ननकाना साहिब के बीच बस सेवा शुरू होने के मौक़े पर कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति-सुरक्षा संधि होनी चाहिए.

 इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं पाकिस्तान के लोगों के सामने यह प्रस्ताव रख रहा हूँ और मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान के नेतृत्व की ओर से इसका अनुकूल उत्तर आएगा
मनमोहन सिंह

प्रधानमंत्री का कहना था, ''इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं पाकिस्तान के लोगों के सामने यह प्रस्ताव रख रहा हूँ और मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान के नेतृत्व की ओर से इसका अनुकूल उत्तर आएगा.''

मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की भी तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने चरमपंथ पर अंकुश लगाने के लिए ठोस क़दम उठाए हैं.

साथ ही उन्होंने कहा कि इस दिशा में और काम किया जाना बाकी है और यह दोनों देशों के हित में होगा.

मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ द्विपक्षीय संबंधों को जम्मू कश्मीर के मुद्दे से जोड़ने की ग़लती करते हैं. उनका कहना था कि भारत कश्मीर व्यावहारिक हल ढूंढने को तैयार है.

मनमोहन सिंह का कहना था, ''भारत जम्मू कश्मीर के मुद्दे को हल करने के लिए उस पर चर्चा करने अथवा उसका व्यावहारिक हल ढूँढने से पीछे नहीं हटा है.''

उन्होंने घोषणा की कि सियाचिन, सर क्रीक और बगलिहार जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ 'सार्थक' समझौता संभव है.

बस सेवा

1947 में दोनों देशों के विभाजन के बाद पहली बार सिखों के धार्मिक स्थलों, अमृतसर और पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब के बीच बस सेवा शुरु हुई है.

पंजाब के परिवहन सचिव एआर तलवार ने बताया कि पहली बस में 41 यात्री हैं. इसमें पंजाब सरकार के दो प्रतिनिधि भी शामिल हैं. इसमें पंजाब के विभिन्न ज़िलों के प्रमुख लोगों को भी इसमें स्थान दिया गया है.

अधिकारियों के अनुसार अमृतसर-ननकाना साहिब बस की क्षमता 45 यात्रियों की है. इससे पहले दिल्ली-लाहौर और श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद के बीच बस सेवाएँ शुरु की जा चुकी हैं.

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