| कश्मीरी वाघा बॉर्डर के रास्ते लौटे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कश्मीर और पाकिस्तानी कश्मीर के निवासी जो भूकंप से पहले अपने रिश्तेदारों को मिलने नियंत्रण रेखा के पार गए थे, शुक्रवार को वाघा सीमा चौकी के ज़रिए अपने-अपने घर वापस लौट गए. इन यात्रियों में पाँच भारतीय कश्मीर के निवासी थे और आठ पाकिस्तानी कश्मीर के निवासी थे. ये लोग श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा के ज़रिए अपने-अपने रिश्तेदारों को मिलने गए थे लेकिन भूकंप के बाद अपने घर वापस जाने में असमर्थ थे. भूकंप के बाद श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद बस सेवा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है. भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों ने इन यात्रियों को विशेष यात्रा दस्तावेज़ जारी किए ताकि वे वाघा के ज़रिए लौट सकें.
पाकिस्तान से लौटने वाले किरपाल सिंह भंडारी ने पत्रकारों को बताया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने उन्हें और अन्य लोगों को मुज़फ़्फ़राबाद से विमान के ज़रिए इस्लामाबाद पहुँचाया. उनके अनुसार भारतीय कश्मीर से पाकिस्तानी कश्मीर गए यात्रियों में से एक की मृत्यु हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गए. पाकिस्तानी कश्मीर के आठ निवासियों में से एक थे राजा मोहम्मद रज़वान जिन्होंने रोते-रोते कहा कि वे मुज़फ़्फ़राबाद अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार करने जा रहे हैं जिनकी वहाँ भूंकप के बाद मौत हो गई. इसी तरह शोकाकुल सकीना मीर ने कहा कि वे अपनी बहु को दफ़न करने और अपने पोते-पोतियों को खोजने के लिए लौट रही हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||